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पठानकोट में नहीं घुसी कांगड़ा से हाईजैक टैक्सी
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट
Updated Fri, 22 Jan 2016 10:45 PM IST
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हिमाचल प्रदेश से तीन संदिग्धाें को बैठाकर पठानकोेट जा रहे टैक्सी ड्राईवर का शव जिला कांगड़ा में मिलने से हड़कंप मच गया है।
पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के पहले की कहानी से मेल खा रहे इस घटनाक्रम ने खतरे की घंटी बजा दी है। हालांकि एसएसपी एसएसपी आरके बख्शी दावा कर रहे हैं कि यह टैक्सी पठानकोट में दाखिल नहीं हुई है। हिमाचल से तीन संदिग्ध को ला रहे मृतक टैक्सी ड्राईवर की पहचान विजय कुमार (35) निवासी गगल, जिला कांगड़ा के रूप में हुई है। टैक्सी सफेद रंग की आल्टो है और उसका नंबर एचपी 01 डी 2440 है।
टैक्सी ड्राईवर का शव मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने भी अलर्ट कर दिया है। एसपी कांगड़ा अभिशेक दुलर ने बताया गगल से जिन तीन युवकों ने टैक्सी किराए ली थी, उनके सीसीटीवी फुटेज कब्जे लेकर जांच शुरू कर दी गई है। टैक्सी ड्राइवर का शव मिलने और संदिग्धों के फरार होने की घटना ने खतरे की घंटी बजा दी है। इस घटना की कहानी भी पठानकोट एयरबेस आतंकी हमले से पहले की कहानी से मेल खा रही है।
एयरबेस पर हमले से पहले भी आतंकियों ने एक इनोवा टैक्सी ड्राईवर की हत्या की थी और बाद में एसपी सलविंदर सिंह को दो साथियों के साथ नीली बत्ती लगी गाड़ी समेत अगवा कर लिया था। एसपी और उनके साथियों को आतंकियों ने छोड़ दिया था। बाद में एसपी की गाड़ी एयरबेस के पास एक गांव के बाहर से मिली थी। ऐसे में इस संबंध जब एसएसपी पठानकोट आरके बख्शी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि टैक्सी जिला पठानकोट में नहीं घुसी है।
पुलिस का फिर वही ढीला रवैया
एयरबेस आतंकी हमले से पहले भी जब ऐसी घटना हुई थी तो उस समय भी पठानकोट पुलिस ने कोई खास अलर्ट नहीं दिखाया था। पठानकोट में कहीं भी विशेष चेकिंग या विशेष सर्च आपरेशन नहीं चलाया गया। ऐसे में पठानकोट की पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एयरफोर्स आतंकी हमले से पहले अगवा किए गए एसपी सलविंदर सिंह के कहने के बावजूद पठानकोट पुलिस ने यह मानने से इंकार किया था कि वारदात करने वाले आतंकी थे।
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पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के पहले की कहानी से मेल खा रहे इस घटनाक्रम ने खतरे की घंटी बजा दी है। हालांकि एसएसपी एसएसपी आरके बख्शी दावा कर रहे हैं कि यह टैक्सी पठानकोट में दाखिल नहीं हुई है। हिमाचल से तीन संदिग्ध को ला रहे मृतक टैक्सी ड्राईवर की पहचान विजय कुमार (35) निवासी गगल, जिला कांगड़ा के रूप में हुई है। टैक्सी सफेद रंग की आल्टो है और उसका नंबर एचपी 01 डी 2440 है।
टैक्सी ड्राईवर का शव मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने भी अलर्ट कर दिया है। एसपी कांगड़ा अभिशेक दुलर ने बताया गगल से जिन तीन युवकों ने टैक्सी किराए ली थी, उनके सीसीटीवी फुटेज कब्जे लेकर जांच शुरू कर दी गई है। टैक्सी ड्राइवर का शव मिलने और संदिग्धों के फरार होने की घटना ने खतरे की घंटी बजा दी है। इस घटना की कहानी भी पठानकोट एयरबेस आतंकी हमले से पहले की कहानी से मेल खा रही है।
एयरबेस पर हमले से पहले भी आतंकियों ने एक इनोवा टैक्सी ड्राईवर की हत्या की थी और बाद में एसपी सलविंदर सिंह को दो साथियों के साथ नीली बत्ती लगी गाड़ी समेत अगवा कर लिया था। एसपी और उनके साथियों को आतंकियों ने छोड़ दिया था। बाद में एसपी की गाड़ी एयरबेस के पास एक गांव के बाहर से मिली थी। ऐसे में इस संबंध जब एसएसपी पठानकोट आरके बख्शी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि टैक्सी जिला पठानकोट में नहीं घुसी है।
पुलिस का फिर वही ढीला रवैया
एयरबेस आतंकी हमले से पहले भी जब ऐसी घटना हुई थी तो उस समय भी पठानकोट पुलिस ने कोई खास अलर्ट नहीं दिखाया था। पठानकोट में कहीं भी विशेष चेकिंग या विशेष सर्च आपरेशन नहीं चलाया गया। ऐसे में पठानकोट की पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एयरफोर्स आतंकी हमले से पहले अगवा किए गए एसपी सलविंदर सिंह के कहने के बावजूद पठानकोट पुलिस ने यह मानने से इंकार किया था कि वारदात करने वाले आतंकी थे।