फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Pathankot News ›   Hizbul Mujahideen, Pathankot, GRP, railway station, Jammu, Kashmir, Pulwama Chennai

पठानकोट में हिजबुल मुजाहिदीन का गुर्गा गिरफ्तार

Sat, 10 May 2014 10:26 PM IST
पठानकोट।
पठानकोट। Updated Sat, 10 May 2014 10:26 PM IST
विज्ञापन
Hizbul Mujahideen, Pathankot, GRP, railway station, Jammu, Kashmir, Pulwama Chennai
चेन्नई रेलवे स्टेशन पर पिछले दिनों हुई ब्लास्ट की घटना के बाद स्थानीय रेलवे स्टेशन पर बढ़ी चौकसी के बीच शनिवार को यहां जीआरपी को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। जवानों ने चेकिंग के दौरान अवैध हथियारों के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन


उसके पास से पाकिस्तान और पंजाब के दो सिम भी बरामद हुए। बताया जाता है वह अब तक आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आतंकियों तक अवैध हथियार व संदेश पहुंचाने के लिए कुरियर की भूमिका निभाता रहा है। उसकी पहचान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी रविश-उल-इस्लाम के रूप में हुई है।
विज्ञापन


शनिवार को जालंधर की ओर से आ रही सियालदह एक्सप्र्रेस के पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन पर रुकते ही जीआरपी के जवानों ने चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान शक के आधार पर एक युवक को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके पास से दो पिस्तौल (32 बोर), 40 कारतूस, चार मैगजीन, 50 हजार नकदी व दो मोबाइल फोन बरामद हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


जीआरपी थाना इंचार्ज पठानकोट राम कृष्ण ने बताया कि दोनों मोबाइलों में पंजाब और पाकिस्तान के सिम थे। आरोपी की पहचान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी रविश उल इस्लाम पुत्र बशीर अहमद के रूप में हुई है। रविश उल इस्लाम को तब पकड़ा जा सका जब वह एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए प्लाईओवर की ओर बढ़ रहा था। उसके पास मिले बैग में अवैध हथियार थे। जीआरपी के मुताबिक पुलिस रविश-उल-इस्लाम को रिमांड लेकर पूछताछ करेगी।

ममेरे भाई के साथ मिलकर करता था काम
पूछताछ के दौरान आरोपी रविश-उल-इस्लाम ने बताया कि उसका ममेरा भाई गांव डगरपुर जिला पुलवामा निवासी आबिद भी उसके साथ मिलकर हिजबुल मुजाहिदीन के लिए काम करता था। उसे आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के कारण गिरफ्तारी के बाद दो साल की सजा हुई हो चुकी है।

वे आतंकी संगठन से जुड़े अपने आका पुलवामा के ही डगरपुर गांव के रहने वाले जुबेर नामक व्यक्ति के इशारे पर काम को अंजाम देते थे। काम न करने पर उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी जाती थी। जुबेर ने रविश-उल-इस्लाम को नवंबर, 2013 को 35 हजार रुपये देकर गांव बरखा जिला मुंगेर (बिहार) भेजा था। वहां से वह किसी अनजान युवक से एक पिस्तौल व दो कारतूस लेकर आया।


इसके बाद वह बिहार से ही फरवरी 2014 में दो पिस्तौल व 20 कारतूस लेकर आया। इस बार भी वह वहीं से 50 हजार रुपये नकद, दो पिस्तौल, 40 कारतूस व 4 मैगजिन लेकर आ रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed