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गोबिंदसपुर में आठ संदिग्ध डेंगू मरीज
पठानकोट/सुजानपुर
Updated Fri, 11 Oct 2013 10:44 PM IST
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पठानकोट में डेंगू का डंक जहरीला होता जा रहा है। गांव गोबिंदसर में डेंगू का मरीज मिलने के बाद सेहत विभाग की टीम ने गांव के पचास घरों के 281 लोगों की जांच कर डेंगू के आठ संदिग्ध मरीजों के खून के सैंपल लिए हैं। सेहत विभाग की टीम ने उक्त गांवों का दौरा किया।
टीम ने गांवों में स्प्रे कराया और पंचायतों को साफ-सफाई का पक्का बंदोबस्त करने के निर्देश दिए। इस मौके पर गांव में 281 लोगों की जांच कर उनमें से आठ संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए। इसके अलावा विभाग की टीमों ने तीनों गांवों में मच्छर मारने के लिए स्प्रे करवाई। इस मौके पर लोगों को डेंगू के लक्षण और बचाव के तरीके बताए गए। विभाग ने लोगों से अपील की कि घर और आसपास सफाई का पूरा ध्यान रखें।
कूलरों में पानी जमा न होने दें। घर और छत पर पडे़ टायरों तथा पुरानी चीजों के बीच पानी न जमा होने दें। शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें। हेल्थ इंस्पेक्टर अविनाश शर्मा और रघुबीर चंद ने बताया कि गांव गोबिंदसर में डेंगू बुखार से पीड़ित रोगी पवन कुमार के मिलने पर गांव के लोगों की जांच की गई है, उनमें आठ संदिग्ध मरीजों के खून के सैंपल लिए हैं। इन लोगों को कुछ दिन से बुखार है जो अब तक ठीक नहीं हुआ है।
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हर बुखार डेंगू नहीं : स्वास्थ्य विभाग
पठानकोट। शहर के निजी अस्पतालों में एक के बाद एक डेंगू के संदिग्ध मरीजों का आना जारी है। इनमें से तीन संदिग्ध मरीजों की मौत भी गई है जबकि सेहत विभाग उन्हें डेंगू से मौत मानने को तैयार नहीं है। जानकारी के मुताबिक पटेल चौक के पास एक निजी अस्पताल में शुक्रवार को संदिग्ध मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले वीरवार को दो मरीजों ने निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। जिला नोडल अफसर डॉ. सुच्चा राम ने बताया कि हर बुखार से पीड़ित मरीज को डेंगू नहीं हो सकता है, मरीज की मौत का कारण और भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों को डेंगू पीड़ित मिलने के बाद जानकारी सेहत विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं। उनके बाकायदा सैंपल लेकर जांच पड़ताल को भेजे जाते हैं। ऐसे में निजी अस्पताल डेंगू मरीज घोषित कैसे कर सकते हैं।
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टीम ने गांवों में स्प्रे कराया और पंचायतों को साफ-सफाई का पक्का बंदोबस्त करने के निर्देश दिए। इस मौके पर गांव में 281 लोगों की जांच कर उनमें से आठ संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए। इसके अलावा विभाग की टीमों ने तीनों गांवों में मच्छर मारने के लिए स्प्रे करवाई। इस मौके पर लोगों को डेंगू के लक्षण और बचाव के तरीके बताए गए। विभाग ने लोगों से अपील की कि घर और आसपास सफाई का पूरा ध्यान रखें।
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कूलरों में पानी जमा न होने दें। घर और छत पर पडे़ टायरों तथा पुरानी चीजों के बीच पानी न जमा होने दें। शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें। हेल्थ इंस्पेक्टर अविनाश शर्मा और रघुबीर चंद ने बताया कि गांव गोबिंदसर में डेंगू बुखार से पीड़ित रोगी पवन कुमार के मिलने पर गांव के लोगों की जांच की गई है, उनमें आठ संदिग्ध मरीजों के खून के सैंपल लिए हैं। इन लोगों को कुछ दिन से बुखार है जो अब तक ठीक नहीं हुआ है।
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हर बुखार डेंगू नहीं : स्वास्थ्य विभाग
पठानकोट। शहर के निजी अस्पतालों में एक के बाद एक डेंगू के संदिग्ध मरीजों का आना जारी है। इनमें से तीन संदिग्ध मरीजों की मौत भी गई है जबकि सेहत विभाग उन्हें डेंगू से मौत मानने को तैयार नहीं है। जानकारी के मुताबिक पटेल चौक के पास एक निजी अस्पताल में शुक्रवार को संदिग्ध मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले वीरवार को दो मरीजों ने निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। जिला नोडल अफसर डॉ. सुच्चा राम ने बताया कि हर बुखार से पीड़ित मरीज को डेंगू नहीं हो सकता है, मरीज की मौत का कारण और भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों को डेंगू पीड़ित मिलने के बाद जानकारी सेहत विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं। उनके बाकायदा सैंपल लेकर जांच पड़ताल को भेजे जाते हैं। ऐसे में निजी अस्पताल डेंगू मरीज घोषित कैसे कर सकते हैं।