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‘दामिनी जिंदा है’ में अपराध के पीछे की मानसिकता
सुजानपुर (पठानकोट)।
Updated Sun, 22 Sep 2013 11:04 PM IST
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दिशा साहित्य मंच सुजानपुर की ओर से रविवार को स्प्रिंग डेल हाई स्कूल में कार्यक्रम प्रधान डॉ. लेखराज की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर गोपाल शर्मा फिरोजपुरी के उपन्यास ‘दामिनी जिंदा है’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में डा. हरमेंद्र सिंह बेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए, जबकि डॉ. तरसेम गुजराल, डॉ. अजय शर्मा, प्रो. मोहन सपरा ,डॉ. सुखविंदर सिंह, धर्मपाल साहिल विशेष तौर पर उपस्थित हुए। वक्ताओं ने ‘दामिनी जिंदा है’ पर अपने विचार रखे।
गोपाल शर्मा ने बताया कि उपन्यास में ज्वलंत विषयों पर भारत ही नहीं पूरे विश्व की समस्याओं पर गहनता से रोशनी डाली गई है। महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों के पीछे की मानसिकता को उजागर किया गया है। इसके साथ की समाज की समस्याओं की परतों को उभारने की कोशिश की गई है। नारी सशक्तीकरण पर आघात की साजिश को सशक्त ढंग से उकेरा गया है।
संस्था के सरप्रस्त डॉ. दर्शन त्रिपाठी ने साहित्यकार गोपाल शर्मा फिरोजपुरी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। गोपाल शर्मा फिरोजपुरी ने अपनी साहित्य जगत से जुड़ी यादों को साझा करते हुए बताया कि उनके लिखे नाटकों का विभिन्न मंचों पर कई बार सफल मंचन हो चुका है।
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उनके कहानी संग्रह में श्यामली, कल से आज तक , मंगल सूत्र, दौड़ ,मौसम बदलते रहे, हरे भरे शहर में, अंधेरी सुरंग काफी चर्चित रहे हैं। इसके अलावा दो कविता संग्रह घूंघट कलियों के, यह प्रगतिवाद, गजल संग्रह शहर अपना , जहर जिंदगी का, चांद के आंसू, अपना-अपना फैसला, दुश्मनों का चक्रव्यूह , पंगेबाज, आपदाओं का जंगल प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार पर उनकी पुस्तक ‘व्हील ऑफ करप्शन’ प्रकाशित होने वाली है। इस मौके पर डॉ. केवल कृष्ण, डॉ. दर्शन त्रिपाठी, अश्विनी मानव, यशपाल शर्मा, संदेश भल्ला, सतीश शर्मा, सैली बलजीत और नरेश दीनानगरी मौजूद रहे।
इस अवसर पर गोपाल शर्मा फिरोजपुरी के उपन्यास ‘दामिनी जिंदा है’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में डा. हरमेंद्र सिंह बेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए, जबकि डॉ. तरसेम गुजराल, डॉ. अजय शर्मा, प्रो. मोहन सपरा ,डॉ. सुखविंदर सिंह, धर्मपाल साहिल विशेष तौर पर उपस्थित हुए। वक्ताओं ने ‘दामिनी जिंदा है’ पर अपने विचार रखे।
गोपाल शर्मा ने बताया कि उपन्यास में ज्वलंत विषयों पर भारत ही नहीं पूरे विश्व की समस्याओं पर गहनता से रोशनी डाली गई है। महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों के पीछे की मानसिकता को उजागर किया गया है। इसके साथ की समाज की समस्याओं की परतों को उभारने की कोशिश की गई है। नारी सशक्तीकरण पर आघात की साजिश को सशक्त ढंग से उकेरा गया है।
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संस्था के सरप्रस्त डॉ. दर्शन त्रिपाठी ने साहित्यकार गोपाल शर्मा फिरोजपुरी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। गोपाल शर्मा फिरोजपुरी ने अपनी साहित्य जगत से जुड़ी यादों को साझा करते हुए बताया कि उनके लिखे नाटकों का विभिन्न मंचों पर कई बार सफल मंचन हो चुका है।
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उनके कहानी संग्रह में श्यामली, कल से आज तक , मंगल सूत्र, दौड़ ,मौसम बदलते रहे, हरे भरे शहर में, अंधेरी सुरंग काफी चर्चित रहे हैं। इसके अलावा दो कविता संग्रह घूंघट कलियों के, यह प्रगतिवाद, गजल संग्रह शहर अपना , जहर जिंदगी का, चांद के आंसू, अपना-अपना फैसला, दुश्मनों का चक्रव्यूह , पंगेबाज, आपदाओं का जंगल प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार पर उनकी पुस्तक ‘व्हील ऑफ करप्शन’ प्रकाशित होने वाली है। इस मौके पर डॉ. केवल कृष्ण, डॉ. दर्शन त्रिपाठी, अश्विनी मानव, यशपाल शर्मा, संदेश भल्ला, सतीश शर्मा, सैली बलजीत और नरेश दीनानगरी मौजूद रहे।