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सरकार का काला कानून मंजूर नहीं : क्रशर मालिक
पठानकोट
Updated Mon, 21 Oct 2013 11:15 PM IST
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प्रदेश सरकार की माइनिंग पॉलिसी के विरोध में क्रशर मालिकों ने सोमवार को भी कामकाज ठप रखकर डीसी कार्यालय के सामने रोष प्रदर्शन किया। क्रशर मालिकों ने प्रदेश सरकार पर अवैध खनन के नाम पर बेवजह तंग करने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। क्रशर यूनियन के प्रधान विजय पासी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा नई बनाई गई माइनिंग पॉलिसी को क्रेशर मालिक किसी भी हालत में पूरा नहीं कर सकते हैं, क्योंकि इस पॉलिसी में क्रशर वालों से पांच माह में किए कारोबार का रिकार्ड मांगा जा रहा है और उन्हें तुरंत रिटर्न भरने के लिए आदेश दिए गए हैं।
आदेशों का पालन न करने पर उनके कनेक्शन काटकर क्रेशर बंद करवा देने की धमकी जा रही है। इसके अलावा जिन क्रशरों पर पहले भी केस दर्ज हुए हैं, उनकी रजिस्ट्रेशन न करके उनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि वे रिटर्न भरने को तैयार हैं, लिहाजा उन्हें कुछ समय दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का रवैया न्याय संगत नहीं है जिसे जिला पठानकोट स्टोन क्रशर यूनियन बर्दाश्त नहीं करेगी।
132 क्रशरों पर दर्ज किए पर्चे हों रद्द
प्रधान विजय पासी ने बताया कि राज्य सरकार ने माइनिंग पॉलिसी के नाम पर एक काला कानून बना डाला है और अब तक जिला पठानकोट में 132 क्रशरों पर पर्चे भी दर्ज कर दिए गए हैं। बार-बार की जा रही मांग के बावजूद क्रशरों पर दर्ज किए पर्चों को रद्द नहीं किया जा रहा है। इससे जिले के समूह क्रशर मालिकों में रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने 132 क्रशरों पर दर्ज पर्चों को तुरंत रद्द करने की मांग की।
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डीसी ने भी दिखाई असमर्थता
क्रशर मालिकों ने डीसी कार्यालय के समक्ष करीब एक घंटे से भी ज्यादा समय तक रोष धरना दिया। हालांकि, इस दौरान डीसी ने क्रशर मालिकों की समस्याएं तो सुनीं लेकिन इस मामले को सुलझा पाने में उन्होंने भी अपनी असमर्थता जाहिर कर दी। डीसी सिब्बन सी ने कहा कि क्रशर मालिकों द्वारा जिस माइनिंग पॉलिसी का विरोध किया जा रहा है वे इसे लेकर सरकार को सिफारिश करेंगे लेकिन, इस नियम को बदलने की शक्ति उनके पास नहीं है।
डिप्टी स्पीकर के आश्वासन ने दी राहत
डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू भी मौके पर पहुंचे। उनके आश्वासन के बाद क्रशर मालिकों ने धरना खत्म किया। बब्बू ने क्रशर मालिकों को भरोसा दिया कि इस मामले को लेकर उनकी उद्योग मंत्री से बात हुई है। उद्योग मंत्री अभी मीटिंग में व्यस्त है और मीटिंग समाप्त होते ही इस मसले पर बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह क्रशर मालिकों के साथ है और जिले में क्रशर इंडस्ट्री को तबाह होने नहीं देंगे।
आज हाईवे जाम करेंगे
जिला क्रशर यूनियन ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तब तक वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे और उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। रोष धरने पर बैठे विजय पासी, साहब सिंह, संजय आनंद, जसपाल सिंह पाली, गोपाल शर्मा, नितिन महाजन लाडी, अमित कुंद्रा, संजीव कुमार, पंकज शर्मा, जोगिंदर शर्मा, सुरिंदर बजाज, बलविंद्र सिंह, निर्मल सिंह, भान सिंह, प्रवीण, संदीप, विपिन, नत्था सिंह, राजिंदर भूर, रामकुमार, प्रवीण ठाकुर, पवन शर्मा, गुरनाम सिंह, सुखविंदर सिंह, अमीर चंद, फतेह सिंह, ने बताया कि 22 अक्तूबर को उनकी ओर से मलिकपुर चौक में धरना दिया जाएगा। धरने के दौरान जालंधर-जम्मू और अमृतसर जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर रोष प्रदर्शन किया जाएगा।
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आदेशों का पालन न करने पर उनके कनेक्शन काटकर क्रेशर बंद करवा देने की धमकी जा रही है। इसके अलावा जिन क्रशरों पर पहले भी केस दर्ज हुए हैं, उनकी रजिस्ट्रेशन न करके उनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि वे रिटर्न भरने को तैयार हैं, लिहाजा उन्हें कुछ समय दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का रवैया न्याय संगत नहीं है जिसे जिला पठानकोट स्टोन क्रशर यूनियन बर्दाश्त नहीं करेगी।
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132 क्रशरों पर दर्ज किए पर्चे हों रद्द
प्रधान विजय पासी ने बताया कि राज्य सरकार ने माइनिंग पॉलिसी के नाम पर एक काला कानून बना डाला है और अब तक जिला पठानकोट में 132 क्रशरों पर पर्चे भी दर्ज कर दिए गए हैं। बार-बार की जा रही मांग के बावजूद क्रशरों पर दर्ज किए पर्चों को रद्द नहीं किया जा रहा है। इससे जिले के समूह क्रशर मालिकों में रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने 132 क्रशरों पर दर्ज पर्चों को तुरंत रद्द करने की मांग की।
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डीसी ने भी दिखाई असमर्थता
क्रशर मालिकों ने डीसी कार्यालय के समक्ष करीब एक घंटे से भी ज्यादा समय तक रोष धरना दिया। हालांकि, इस दौरान डीसी ने क्रशर मालिकों की समस्याएं तो सुनीं लेकिन इस मामले को सुलझा पाने में उन्होंने भी अपनी असमर्थता जाहिर कर दी। डीसी सिब्बन सी ने कहा कि क्रशर मालिकों द्वारा जिस माइनिंग पॉलिसी का विरोध किया जा रहा है वे इसे लेकर सरकार को सिफारिश करेंगे लेकिन, इस नियम को बदलने की शक्ति उनके पास नहीं है।
डिप्टी स्पीकर के आश्वासन ने दी राहत
डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू भी मौके पर पहुंचे। उनके आश्वासन के बाद क्रशर मालिकों ने धरना खत्म किया। बब्बू ने क्रशर मालिकों को भरोसा दिया कि इस मामले को लेकर उनकी उद्योग मंत्री से बात हुई है। उद्योग मंत्री अभी मीटिंग में व्यस्त है और मीटिंग समाप्त होते ही इस मसले पर बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह क्रशर मालिकों के साथ है और जिले में क्रशर इंडस्ट्री को तबाह होने नहीं देंगे।
आज हाईवे जाम करेंगे
जिला क्रशर यूनियन ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तब तक वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे और उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। रोष धरने पर बैठे विजय पासी, साहब सिंह, संजय आनंद, जसपाल सिंह पाली, गोपाल शर्मा, नितिन महाजन लाडी, अमित कुंद्रा, संजीव कुमार, पंकज शर्मा, जोगिंदर शर्मा, सुरिंदर बजाज, बलविंद्र सिंह, निर्मल सिंह, भान सिंह, प्रवीण, संदीप, विपिन, नत्था सिंह, राजिंदर भूर, रामकुमार, प्रवीण ठाकुर, पवन शर्मा, गुरनाम सिंह, सुखविंदर सिंह, अमीर चंद, फतेह सिंह, ने बताया कि 22 अक्तूबर को उनकी ओर से मलिकपुर चौक में धरना दिया जाएगा। धरने के दौरान जालंधर-जम्मू और अमृतसर जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर रोष प्रदर्शन किया जाएगा।