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कोठियों के बाहर रेलिंग पर सख्त हुआ एमसीपी
Pathankot
Updated Wed, 18 Sep 2013 05:39 AM IST
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पठानकोट। पठानकोट शहर में कोठियों के आगे बनी रेलिंग के खिलाफ एमसीपी (म्यूनिसिपल कारपोरेशन पठानकोट) सख्त हो गया है। म्यूनिसिपल कारपोरेशन सभी रेलिंग बनाने वाले कोठी मालिकों को नोटिस भेजेगा। शहर में ज्यादातर कोठी मालिकों ने घर के बाहर खाली स्थानों पर पार्क और रेलिंग बना रखी है, जिसके कारण राहगीरों को काफी परेशानी होती है। एमसीपी पहले भी इन कोठी मालिकों को नोटिस दे चुका है लेकिन कोठी मालिकों ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। अब एमसीपी इन कोठी मालिकों पर सख्त कार्रवाई के मूड में है।
एमसीपी अधिकारियों के मुताबिक शहर में कई कोठी मालिकों ने रेलिंग और पार्क बनाए हुए हैं, जिससे रास्ते सिकुड़ गए हैं और वाहन चालकों और आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कत होती है। अधिकारियों का कहना है कि कई कोठी मालिक तो बरसाती पानी के नालों को भी दबा लेते हैं, जिसके कारण कई मोहल्लों की सड़कों पर बरसात का पानी जमा हो जाता है और सड़कें टूट जाती हैं। इससे म्यूनिसिपल कारपोरेशन को लाखों रुपये का नुकसान होता है। अधिकारियों ने बताया कि कोठियों के बाहर बनी रेलिंग और पार्कों की फोटोग्राफी की जाएगी। इन फोटो के आधार पर अलग-अलग फाइलें तैयार होंगी, जिसके बाद कोठी मालिकों पर कार्रवाई की जाएगी।
म्यूनिसिपल कारपोरेशन पठानकोट के एमई सतीश सैनी ने बताया कि फोटोग्राफी करवाने से कानूनी कार्रवाई में कोई भी अड़चन नहीं आएगी और कोठी मालिक भी कोई ऑबजेक्शन नहीं कर सकेंगे, क्योंकि जो भी कार्रवाई की जाएगी वह सुबूत के आधार पर की जाएगी। उन्होंने बताया कि फोटोग्राफी करवाने का मकसद केवल यही है कि कोठी मालिक रेलिंग की बात को नकार न सकें। उन्होंने बताया कि नोटिस देने के बावजूद यदि कोठी मालिक नहीं सुधरे तो पुलिस कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीनों से इन रेलिंग को हटाया जाएगा। कुछ कोठी मालिक रेलिंग पर गेट भी लगा रहे हैं जो गलत है। उन्होंने बताया कि कोठी के आगे की जगह पैदल चलने के लिए है लेकिन कुछ लोगों ने उस जगह पर भी अवैध निर्माण कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले म्यूनिसिपल कारपोरेशन पठानकोट की ओर से मॉडल टाऊन में यह अभियान चलाया गया था। अब शहर के दूसरे हिस्सों में भी यह अभियान चलाया जाएगा।
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एमसीपी अधिकारियों के मुताबिक शहर में कई कोठी मालिकों ने रेलिंग और पार्क बनाए हुए हैं, जिससे रास्ते सिकुड़ गए हैं और वाहन चालकों और आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कत होती है। अधिकारियों का कहना है कि कई कोठी मालिक तो बरसाती पानी के नालों को भी दबा लेते हैं, जिसके कारण कई मोहल्लों की सड़कों पर बरसात का पानी जमा हो जाता है और सड़कें टूट जाती हैं। इससे म्यूनिसिपल कारपोरेशन को लाखों रुपये का नुकसान होता है। अधिकारियों ने बताया कि कोठियों के बाहर बनी रेलिंग और पार्कों की फोटोग्राफी की जाएगी। इन फोटो के आधार पर अलग-अलग फाइलें तैयार होंगी, जिसके बाद कोठी मालिकों पर कार्रवाई की जाएगी।
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म्यूनिसिपल कारपोरेशन पठानकोट के एमई सतीश सैनी ने बताया कि फोटोग्राफी करवाने से कानूनी कार्रवाई में कोई भी अड़चन नहीं आएगी और कोठी मालिक भी कोई ऑबजेक्शन नहीं कर सकेंगे, क्योंकि जो भी कार्रवाई की जाएगी वह सुबूत के आधार पर की जाएगी। उन्होंने बताया कि फोटोग्राफी करवाने का मकसद केवल यही है कि कोठी मालिक रेलिंग की बात को नकार न सकें। उन्होंने बताया कि नोटिस देने के बावजूद यदि कोठी मालिक नहीं सुधरे तो पुलिस कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीनों से इन रेलिंग को हटाया जाएगा। कुछ कोठी मालिक रेलिंग पर गेट भी लगा रहे हैं जो गलत है। उन्होंने बताया कि कोठी के आगे की जगह पैदल चलने के लिए है लेकिन कुछ लोगों ने उस जगह पर भी अवैध निर्माण कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले म्यूनिसिपल कारपोरेशन पठानकोट की ओर से मॉडल टाऊन में यह अभियान चलाया गया था। अब शहर के दूसरे हिस्सों में भी यह अभियान चलाया जाएगा।
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