{"_id":"97-36256","slug":"Firozpur-36256-97","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैसाखी मेले में पहुंचे हजारों लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैसाखी मेले में पहुंचे हजारों लोग
Firozpur
Updated Sun, 14 Apr 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजपुर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय हुसैनीवाला बार्डर पर शनिवार बैसाखी का मेला धूमधाम से मनाया गया। इसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। यही नहीं मेले में आने वाले श्रद्धालुओं ने शहीदी स्मारक में बनी शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। मेले में आने वाले लोगों के लिए जगह-जगह अटूट लंगर का आयोजन किया गया और खाने-पीने की दुकानें सजी हुई थी। लोगों की सुविधा के लिए रेल प्रशासन ने स्पेशल रेलगाड़ी और पंजाब रोडवेज ने बसें चलाई थी।
सतलुज दरिया पर बने पुल पर तैनात बीएसएफ जवानों का कहना है कि कई साल पहले पाकिस्तान की तरफ बहने वाले दरिया के पानी में लोग नहाते थे, लेकिन नहाते समय कई नौजवान और बच्चे पाक की तरफ बह गए जिन्हें अभी तक नहीं छोड़ा गया है। क्योंकि दरिया पाक सीमा में भी प्रवेश करता है। इस प्रकार की घटनाओं के बाद यहां पर नहाने पर पाबंदी लगाई गई है। मेले में समाजसेवी संस्थाओं ने चाय, पानी और खान-पान का लंगर लगाया हुआ था। कई जगहों पर कलाकार मंच लगाकर देश भक्ति जैसे नाटक पेश कर रहे थे। सुनसान रहने वाले अंतरराष्ट्रीय मार्ग पर बैसाखी मेले पर चहलपहल थी। मेले में आए लोग गर्म-गर्म जलेबी खाने के अलावा पकोड़े का आनंद ले रहे थे। कई लोग तो घर से ही खानपान का सामान लेकर आए थे और समाधि के पास बने पार्क में बैठ कर पिकनिक मना रहे थे। लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस का बंदोबस्त किया हुआ था।
विज्ञापन
सतलुज दरिया पर बने पुल पर तैनात बीएसएफ जवानों का कहना है कि कई साल पहले पाकिस्तान की तरफ बहने वाले दरिया के पानी में लोग नहाते थे, लेकिन नहाते समय कई नौजवान और बच्चे पाक की तरफ बह गए जिन्हें अभी तक नहीं छोड़ा गया है। क्योंकि दरिया पाक सीमा में भी प्रवेश करता है। इस प्रकार की घटनाओं के बाद यहां पर नहाने पर पाबंदी लगाई गई है। मेले में समाजसेवी संस्थाओं ने चाय, पानी और खान-पान का लंगर लगाया हुआ था। कई जगहों पर कलाकार मंच लगाकर देश भक्ति जैसे नाटक पेश कर रहे थे। सुनसान रहने वाले अंतरराष्ट्रीय मार्ग पर बैसाखी मेले पर चहलपहल थी। मेले में आए लोग गर्म-गर्म जलेबी खाने के अलावा पकोड़े का आनंद ले रहे थे। कई लोग तो घर से ही खानपान का सामान लेकर आए थे और समाधि के पास बने पार्क में बैठ कर पिकनिक मना रहे थे। लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस का बंदोबस्त किया हुआ था।
विज्ञापन