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सेंट्रल कोआपरेटिव बैंक के सामने डटे किसान
Firozpur
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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संगरूर। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने शुक्रवार को पटियाला गेट स्थित सेंट्रल कोआपरेटिव बैंक के सामने जिला स्तरीय धरना दिया। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सहकारी सभाओं के जिला अधिकारियों और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने का नेतृत्व यूनियन के जिलाध्यक्ष दरबारा सिंह छाजला ने की। मुख्य बाजार में किसानों के धरने के दौरान पूरा यातायात बाधित हो गया और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इस मौके पर धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंद्र सिंह उगराहां ने कहा कि जमीन की कीमतें बढ़ने और लागत के दाम में बेतहाशा वृद्धि होने के बाद कर्ज बढ़ाने की बजाय कोआपरेटिव सोसायटियों के माध्यम से जिला मैनेजर और डीआर द्वारा पहले से दिए जा रहे कर्ज की राशि घटाकर और पास बुक व पहले से कम खर्चा देकर किसानों के साथ सरासर धक्का किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा गवाही डालने वाले किसान के चेक रोक कर किसानों को मानसिक तौर परेशान किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार तुरंत अधिकारिक कर्जों की सामर्थ्य बढ़ाकर किसान क्रेडिट और पास बुकों के माध्यम से दिए जाते कर्जे को दोगुना करे। नजदीकी बैंकों के माध्यम से कर्ज देना सुनिश्चित किया जाए। किसानों ने मांग की कि मंडियों में किसानों की धान की फसल की खरीद तुरंत करवाई जाए। किसानों को परेशान किया जाना तुरंत बंद किया जाए।
इस मौके पर किसान नेता अमरीक सिंह पेधनी, दर्शन सिंह चंगालीवाला, जसवंत सिंह तोलावाल, रामशरन सिंह उगराहां, अजायब सिंह लक्खोवाल, जगतार सिंह कालाझाड़, बहाल सिंह ढींढसा, श्यामदास कांझली, हरबंस सिंह लड्डा, दर्शन सिंह शादीहरी, गुरमेल सिंह लौंगोवाल ने कहा कि यदि पूरा कर्ज किसानों को देना यकीनी न बनाया गया तो संघर्ष तीखा किया जाएगा। दूसरी तरफ, मुख्य बाजार में किसानों द्वारा लगाए इस धरने में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर में यातायात बुरी तरह से प्रभावित हो गया।
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इस मौके पर धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंद्र सिंह उगराहां ने कहा कि जमीन की कीमतें बढ़ने और लागत के दाम में बेतहाशा वृद्धि होने के बाद कर्ज बढ़ाने की बजाय कोआपरेटिव सोसायटियों के माध्यम से जिला मैनेजर और डीआर द्वारा पहले से दिए जा रहे कर्ज की राशि घटाकर और पास बुक व पहले से कम खर्चा देकर किसानों के साथ सरासर धक्का किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा गवाही डालने वाले किसान के चेक रोक कर किसानों को मानसिक तौर परेशान किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार तुरंत अधिकारिक कर्जों की सामर्थ्य बढ़ाकर किसान क्रेडिट और पास बुकों के माध्यम से दिए जाते कर्जे को दोगुना करे। नजदीकी बैंकों के माध्यम से कर्ज देना सुनिश्चित किया जाए। किसानों ने मांग की कि मंडियों में किसानों की धान की फसल की खरीद तुरंत करवाई जाए। किसानों को परेशान किया जाना तुरंत बंद किया जाए।
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इस मौके पर किसान नेता अमरीक सिंह पेधनी, दर्शन सिंह चंगालीवाला, जसवंत सिंह तोलावाल, रामशरन सिंह उगराहां, अजायब सिंह लक्खोवाल, जगतार सिंह कालाझाड़, बहाल सिंह ढींढसा, श्यामदास कांझली, हरबंस सिंह लड्डा, दर्शन सिंह शादीहरी, गुरमेल सिंह लौंगोवाल ने कहा कि यदि पूरा कर्ज किसानों को देना यकीनी न बनाया गया तो संघर्ष तीखा किया जाएगा। दूसरी तरफ, मुख्य बाजार में किसानों द्वारा लगाए इस धरने में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर में यातायात बुरी तरह से प्रभावित हो गया।
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