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एनिमल वेलफेयर बोर्ड ने दिए कार्रवाई के निर्देश
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
Updated Wed, 27 Jan 2016 04:12 PM IST
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शहर के बीच 500 से ज्यादा लावारिस पशुओं को लाठियों से खदेड़ कर शहर में छोड़ कर जाने वाले ग्रामीणों के खिलाफ शिकायत पर प्रतिक्रिया करते केंद्र सरकार के एनिमल वेलफेयर बोर्ड ने कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।
बीती 17 जनवरी को गांव नरुआणा, गांव मुल्तानिया और गांव बीड़ बहमण के 150 से ज्यादा ग्रामीणों ने लाठियों के सहारे अपने गांवों के 500 से ज्यादा लावारिस पशुओं को खदेड़ते शहर के बीचों-बीच घनी आबादी में छोड़ दिया।
समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष सोनू माहेश्वरी ने इस मामले को गंभीरता से लेते इसकी शिकायत केंद्र सरकार के एनिमल वेलफेयर बोर्ड, चेन्नई को भेजी।
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उन्होंने इस घटनाक्रम को लावारिस जानवरों के प्रति अत्याचार बताते हुए संबंधित ग्रामीणों के खिलाफ ईमेल की ओर से शिकायत भेज कार्रवाई की मांग की।
एनिमल वेलफेयर बोर्ड चेन्नई के एस्सिटेंट सचिव ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए डिप्टी कमिश्नर, एसएसपी और नगर निगम कमिश्नर को पीसीए एक्ट 1960 के सेक्शन 3 के अधीन कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
एनिमल वेलफेयर बोर्ड की ओर से संबंधित अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की कॉपी भी भेजी है। उधर एसएसपी बठिंडा स्वप्न शर्मा का कहना था कि इस संबंधी उन्हें अभी कोई आदेश नहीं मिले हैं। अगर मिलेगें तो वे संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
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बीती 17 जनवरी को गांव नरुआणा, गांव मुल्तानिया और गांव बीड़ बहमण के 150 से ज्यादा ग्रामीणों ने लाठियों के सहारे अपने गांवों के 500 से ज्यादा लावारिस पशुओं को खदेड़ते शहर के बीचों-बीच घनी आबादी में छोड़ दिया।
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समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष सोनू माहेश्वरी ने इस मामले को गंभीरता से लेते इसकी शिकायत केंद्र सरकार के एनिमल वेलफेयर बोर्ड, चेन्नई को भेजी।
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उन्होंने इस घटनाक्रम को लावारिस जानवरों के प्रति अत्याचार बताते हुए संबंधित ग्रामीणों के खिलाफ ईमेल की ओर से शिकायत भेज कार्रवाई की मांग की।
एनिमल वेलफेयर बोर्ड चेन्नई के एस्सिटेंट सचिव ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए डिप्टी कमिश्नर, एसएसपी और नगर निगम कमिश्नर को पीसीए एक्ट 1960 के सेक्शन 3 के अधीन कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
एनिमल वेलफेयर बोर्ड की ओर से संबंधित अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की कॉपी भी भेजी है। उधर एसएसपी बठिंडा स्वप्न शर्मा का कहना था कि इस संबंधी उन्हें अभी कोई आदेश नहीं मिले हैं। अगर मिलेगें तो वे संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।