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ऑपरेशन समुद्र सेतुः ईरान में फंसे 687 भारतीयों को लेकर स्वेदश रवाना हुआ आईएनएस जलाश्व
Fri, 26 Jun 2020 08:45 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rohit Ojha
Updated Fri, 26 Jun 2020 08:45 PM IST
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आईएनएस जलाश्व
- फोटो : ANI
ऑपरेशन समुद्र सेतु के तहत ईरान में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए नौसेना का युद्ध पोत आईएनएस जलाश्व 25 जून को बंदर अब्बास बंदरगाह पहुंचा। यहां सभी जरूरी चिकित्सा और सामानों की जांच के बाद 687 भारतीय नागरिक जहाज में सवार हुए।
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ईरान में पारागमन के दौरान आईएनएस जलाश्व के चालक दल के सदस्यों ने भारतीय नागरिकों को वहां से निकाल कर ले जाने के लिए सभी जरूरी प्रारंभिक तैयारियां कीं। इसमें यात्रियों को जहाज में रखने के इंतजाम करना और उन जगहों संक्रमण मुक्त करना, यात्रियों को मास्क और अन्य जरूरी प्रसाधन उपलब्ध कराना तथा ईरान में भारतीय दूतावास की और से निर्धारित नियमों के अनुसार जहाज में इन यात्रियों को कमरे देने की व्यवस्था करना शामिल था।
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जलाश्व की ओर से ईरानी अधिकारियों को भारतीय नौसेना द्वारा स्वेदश में निर्मित दो एयर इवैक्यूएशन पॉड भी सौंपे गए। यह एक तरह का पूरी तरह से सील किया हुआ पेशेंट ट्रांसफर कैप्स्यूल है। इसके उपयोग से राहत दल और पायलट को संक्रमण का खतरा खत्म हो जाता है।
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जलाश्व में रहने के स्थान को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। कोविड संक्रमण के प्रति सावधानी बरतते हुए यात्रियों के रहने के स्थान और उनके साथ लगातार संपर्क में आ सकने वाले चालक दल के सदस्यों के रहने की जगह को अलग-अलग चिन्हित किया गया है। यह जहाज 25 जून की देर शाम को बंदर अब्बास बदंरगाह से अपनी वापसी यात्रा पर रवाना हो गया।