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सियासी दखल के मंसूबे रह गए अधूरे
Wed, 24 Apr 2019 01:01 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 24 Apr 2019 01:01 AM IST
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माफिया अतीक अहमद
- फोटो : amar ujala
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सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से अतीक और उनके चाहने वालों के तमाम मंसूबे धरे रह गए। नैनी जेल नया ठिकाना बनने के बाद माना जा रहा था कि अतीक का इस चुनाव में कोई नया सियासी रंग देखने को मिलेगा। चर्चाएं थीं कि अतीक का आना चुनाव में किसी पार्टी को फायदा या नुकसान जरूर पहुंचाएगा। लेकिन, इन सब पर अब विराम लग गया है।
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अतीक अहमद को शनिवार को ही बरेली जेल से नैनी जेल में ट्रांसफर किया गया था।
उनके या पत्नी के चुनाव लड़ने की सुगबुगाहट के बीच समर्थकों में भारी उत्साह था। अतीक ने पहले ही दिन नंबरदारों की क्लास लेकर बता दिया था कि जेल में अब उन्हीं की चलेगी। समर्थक मंगलवार को इंतजार कर रहे थे कि नामांकन की खबर आएगी लेकिन, जैसे ही सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया, समर्थक मायूस हो गए। दरअसल, पिछले उप चुनाव में अतीक ने करीब 50 हजार मत हासिल कर बता दिया था कि अभी राजनीतिक हैसियत बरकरार है और सियासत में उन्हें चूका हुआ नहीं माना जा सकता। इसी के चलते ऐसे आसार थे कि अतीक का कोई करीबी या परिवार का ही कोई सदस्य चुनाव लड़ेगा। और इस चुनाव में अतीक फैक्टर किसी को नफा तो किसी को नुकसान पहुंचाएगा।
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जिस मामले ने फिलहाल तूल पकड़ा है, वह लखनऊ के कारोबारी से जुड़ा है। कारोबारी मोहित जायसवाल को अगवा कर देवरिया जेल ले जाया गया था। वहां मारपीट कर लाखों की प्रापर्टी पर दस्तखत करा लिए गए थे। इस मामले में लखनऊ में रिपोर्ट दर्ज हुई और अतीक को देवरिया से बरेली जेल ट्रांसफर कर दिया गया। यही मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने उनके पूरे आपराधिक इतिहास को तलब किया। निर्णय आया कि मोहित जायसवाल मामले की जांच सीबीआई करेगी और अतीक को गुजरात की किसी जेल में भेजा जाएगा। ऐसा पहली बार हुआ है कि जिले में किसी शख्स के खिलाफ सीबीआई की दो जांचें चलेंगी। राजू पाल हत्याकांड में अतीक के खिलाफ पहले से सीबीआई जांच चल रही है। अब लखनऊ के कारोबारी मोहित जायसवाल के अपहरण में भी सीबीआई जांच होगी। इसके अलावा शहर में अपराध की दुनिया के वह पहले व्यक्ति होंगे, जिन्हें नैनी से गुजरात भेजा जा रहा है। पुलिस अफसरों के मुताबिक इससे पहले अभी तक किसी भी शख्स को प्रयागराज से गुजरात नहीं भेजा गया था। शहर में मंगलवार की शाम सिर्फ एक ही चर्चा थी कि अतीक को गुजरात की किस जेल में भेजा जा रहा है।
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