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virasat: Birth place of Lord Parshuram Janapav
विरासत

विरासत: भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव

29 November 2022

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पहाड़ी पर बना मंदिर, ऊबड़-खाबड़ रास्ते, नाले, घनी झाडियां और जंगली जानवरों का डर, यह सब पार करने के बाद पहुंचते हैं जानापाव। जहां पहुंचते ही आप इन सारी समस्याओं को भूल जाते हैं।   

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झांसी का किला सन 1857 की क्रांति के दौरान सिपाही विद्रोह के मुख्य केंद्रों में से एक माना जाता है। इस किले में एक कड़क बिजली टैंक रखा हुआ है, जो संग्रहालय के साथ-साथ बुंदेलखंड की कलाकृतियों और मूर्तिकलाओं का अच्छा संग्रह प्रस्तुत करता है। 

कोटद्वार उत्तराखंड का महत्वपूर्ण शहर है, कोटद्वार को गढ़वाल के प्रवेश द्वार और पौड़ी जिले का सबसे बड़ा शहर के रूप में जाना जाता है। 

नाव के आकार जैसा दिखने वाले कैथेड्रल चर्च का इतिहास शहर के कैथोलिक गिरिजाघरों में सबसे पुराना है। ब्रिटिश हुकूमत के अधीन रहे आइरिस मूल के सैनिकों ने वर्ष 1860 में जब चर्च की आधारशिला रखी, तब पहली प्रार्थना सभा में मात्र दो सौ लोग शामिल हुए। 

भारत की पहली मानी हुई सभ्यता है हड़प्पा सभ्यता, भारत में ये कई हज़ार वर्षों पहले मौजूद थी। इस सभ्यता में आज के ज़माने जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल था।

लोथल उस भारत का चिन्ह है जिस काल में भारतीय उपमहाद्वीप में बहती सरस्वती नदी के किनारे पर मानव जीवन का वास हुआ करता था। जिसके प्रमाण आज भी सरस्वती नदी और उसकी उप-नदियों के आस-पास बिखरे अवशेषों के रूप में पाए जाते हैं।

भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में भी एक बीच है, लेकिन एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नहीं होने की वजह से ज्यादा लोग इस बीच के बारे में नहीं जानते।

आगरा के पास स्थित फतेहपुर सीकरी 16वीं शताब्दी में बनाया गया एक शाही शहर है। ये शहर मुगल साम्राज्य के आदर्शों और विरासत को समेटे हुए है। इसे 1571 में मुगल बादशाह अकबर ने बनवाया था...

रणथंभौर किला या रणथंभौर दुर्ग राजस्थान का एक बहुत ही शानदार किला है जो राज्य के रणथंभौर में स्थित चौहान शाही परिवार से संबध रखता है। यह शाही किला 12 वीं शताब्दी से अस्तित्व में है।

उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक रूप से बेहद समृद्ध कहे जाने वाले मेरठ शहर के पास बसा है हस्तिनापुर, जिसका उल्लेख ना केवल आधुनिक भारत के मानचित्र पर मिलता है बल्कि पौराणिक ग्रंथों में भी इसका वर्णन एक विशिष्ट नगरी के रूप में किया गया है। 
 

जयपुर का गुलाबी शहर कुछ अविश्वसनीय ऐतिहासिक संरचनाओं का घर है, जो भारत की समृद्ध विरासत को दर्शाता है। सिटी पैलेस जयपुर एक ऐसा वास्तुशिल्प आश्चर्य है जो 1949 तक जयपुर के महाराजा की प्रशासनिक सीट के रूप में कार्य करता था। 
 

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