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जाने कब-कब उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह ने हिलाई धरती
बीबीसी
Updated Fri, 09 Sep 2016 04:54 PM IST
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उत्तर कोरिया ने अभी तक पाँच परमाणु परीक्षण किए हैं। पाँचवाँ परीक्षण शुक्रवार नौ सितंबर को किया गया है और इसकी शुरुआती जानकारी जमीन में हुई हलचल के कारण मिली।
जब- जब उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह ने हिलाई धरती
पहला परीक्षण: 09 अक्तूबर, 2006
वर्षों तक चली बातचीत, अपने कड़े रुख और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतार-चढ़ाव के बाद उत्तर कोरिया ने नौ अक्तूबर 2006 अपने पहले परमाणु परीक्षण की घोषणा की। उत्तर कोरिया के मुताबिक उसने ये परीक्षण जमीन के अंदर देश के पूर्वोत्तर पहाड़ी इलाके पुंगे-री में किया।
सूत्रों के मुताबिक उत्तर कोरिया ने इस परीक्षण में प्लूटोनियम का इस्तेमाल किया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने कहा कि इस परीक्षण से करीब एक टन की उर्जा निकली, जो काफी कम थी। कई ने इसे पूरी तरह परमाणु परीक्षण भी नहीं माना। लेकिन उत्तर कोरिया ने दावा किया कि वो परमाणु क्लब में शामिल हो गया है और इस परीक्षण का मकसद कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना है।
वर्षों तक चली बातचीत, अपने कड़े रुख और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतार-चढ़ाव के बाद उत्तर कोरिया ने नौ अक्तूबर 2006 अपने पहले परमाणु परीक्षण की घोषणा की। उत्तर कोरिया के मुताबिक उसने ये परीक्षण जमीन के अंदर देश के पूर्वोत्तर पहाड़ी इलाके पुंगे-री में किया।
सूत्रों के मुताबिक उत्तर कोरिया ने इस परीक्षण में प्लूटोनियम का इस्तेमाल किया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने कहा कि इस परीक्षण से करीब एक टन की उर्जा निकली, जो काफी कम थी। कई ने इसे पूरी तरह परमाणु परीक्षण भी नहीं माना। लेकिन उत्तर कोरिया ने दावा किया कि वो परमाणु क्लब में शामिल हो गया है और इस परीक्षण का मकसद कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना है।
जब- जब उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह ने हिलाई धरती
दूसरा परीक्षण: 25 मई, 2009
दूसरा परमाणु परीक्षण पहले के मुकाबले बड़ा था। अंदाजा है कि इस परीक्षण के बाद 2-8 किलोटन की उर्जा निकली। उत्तर कोरिया ने दावा किया कि इस परीक्षण से उसकी विस्फोटक शक्ति और तकनीक और बेहतर हुई।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये माना गया कि परमाणु परीक्षण हुआ था लेकिन किसी विकिरण का पता नहीं चला, लेकिन एक परमाणु परीक्षण को नियंत्रित करना उत्तर कोरिया के लिए एक उपलब्धि से कम नहीं था।
पहले के दोनों परीक्षणों को बीमार उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग इल की अपनी परमाणु क्षमता साबित करने की कोशिश के रूप में देखा गया।
दूसरा परमाणु परीक्षण पहले के मुकाबले बड़ा था। अंदाजा है कि इस परीक्षण के बाद 2-8 किलोटन की उर्जा निकली। उत्तर कोरिया ने दावा किया कि इस परीक्षण से उसकी विस्फोटक शक्ति और तकनीक और बेहतर हुई।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये माना गया कि परमाणु परीक्षण हुआ था लेकिन किसी विकिरण का पता नहीं चला, लेकिन एक परमाणु परीक्षण को नियंत्रित करना उत्तर कोरिया के लिए एक उपलब्धि से कम नहीं था।
पहले के दोनों परीक्षणों को बीमार उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग इल की अपनी परमाणु क्षमता साबित करने की कोशिश के रूप में देखा गया।
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जब- जब उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह ने हिलाई धरती
तीसरा परीक्षण: 12 फरवरी, 2013
12 फरवरी 2013 को तड़के पुंगे-री के आसपास की जमीन में असामान्य हलचल महसूस की गई। बाद में उत्तर कोरिया ने दावा किया कि उसने हल्के परमाणु उपकरण का परीक्षण किया है, जिनमें ज्यादा विस्फोटक क्षमता होती है।
ऐसी भी अटकलें थी कि इसमें यूरेनियम का इस्तेमाल किया गया। लेकिन कभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई।
12 फरवरी 2013 को तड़के पुंगे-री के आसपास की जमीन में असामान्य हलचल महसूस की गई। बाद में उत्तर कोरिया ने दावा किया कि उसने हल्के परमाणु उपकरण का परीक्षण किया है, जिनमें ज्यादा विस्फोटक क्षमता होती है।
ऐसी भी अटकलें थी कि इसमें यूरेनियम का इस्तेमाल किया गया। लेकिन कभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई।
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चौथा परीक्षण: 6 जनवरी, 2016
चौथे परीक्षण की भी शुरुआती जानकारी पुंगे-री के आसपास भूकंप जैसी स्थिति के कारण मिली। बाद में उत्तर कोरिया ने घोषणा की कि उसने हाइड्रोजन बम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। हाइड्रोजन बम एटम बम से ज्यादा शक्तिशाली होते हैं।
हालांकि इस दावे की भी पुष्टि नहीं हो पाई है।
चौथे परीक्षण की भी शुरुआती जानकारी पुंगे-री के आसपास भूकंप जैसी स्थिति के कारण मिली। बाद में उत्तर कोरिया ने घोषणा की कि उसने हाइड्रोजन बम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। हाइड्रोजन बम एटम बम से ज्यादा शक्तिशाली होते हैं।
हालांकि इस दावे की भी पुष्टि नहीं हो पाई है।