हूती विद्रोही अंसार अल्लाह (ख़ुदा के समर्थक) गुट के सदस्य हैं जो शिया मुसलमानों के एक संप्रदाय ज़ैदी को मानता है. ज़ैदी यमन की आबादी में एक तिहाई हैं. उन्होंने उत्तरी यमन पर इमाम की शासन व्यवस्था के तहत 1962 तक क़रीब 1000 सालों तक शासन किया.यमन के हूती विद्रोहियों में महिलाएं बड़े पैमाने पर शामिल हैं.
राजधानी सना के परेड में औरतों हिस्सा लिया और संघर्ष के साथ एकजुटता दिखाई.
जनवरी 2015 में शिया हूती विद्रोहियों ने यमन की राजधानी सना पर क़ब्ज़ा कर लिया था जिसके बाद से देश में गृह युद्ध शुरू हो गया था.
संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार यमन में छिड़े इस गृह युद्ध में अब तक 6600 लोग मारे जा चुके हैं.
हूती विद्रोहियों का कहना है कि वे राष्ट्रपति मंसूर हादी की सरकार को हटाना चाहते हैं जो उनके मुताबिक़ भ्रष्ट है।