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'इस्लाम का अपमान' करने पर मुस्लिम की हत्या

Fri, 08 Jul 2016 03:06 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Fri, 08 Jul 2016 03:06 PM IST
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glasgow murder and islam
'इस्लाम का अपमान' करने पर मुस्लिम की हत्या - फोटो : BBC
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 24 मार्च को दुकानदार असद शाह की हत्या करने का जुर्म यॉर्कशायर के तनवीर अहमद ने कबूल कर लिया है। 32 वर्षीय तनवीर ने अपने कबूलनामे में कहा है कि,'असद ने उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई थी इसीलिए उसने असद की हत्या की' तनवीर ने असद पर उसकी दुकान के बाहर हमला किया था। इस हमले के बाद 40 वर्षीय असद को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनकी मृत्यु हो गई। तनवीर के वकील के अनुसार,''असद खुद के 'नबी' होने का दावा करता था,उसने सोशल मीडिया (फेसबुक व यूट्यूब) में कुछ इस तरह के वीडियो भी पोस्ट किए थे।यह बात तनवीर को नागवार गुज़री और उसने असद की हत्या कर दी।'' अहमद ने ग्लासगो के हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान अपने कसूर को कबूल करते हुए कहा असद ने ''इस्लाम का अपमान'' किया इसीलिए उसने यह कदम उठाया।

'इस्लाम का अपमान' करने पर मुस्लिम की हत्या

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'इस्लाम का अपमान' करने पर मुस्लिम की हत्या - फोटो : BBC
अहमद के इस कबूलनामे पर जज लेडी रे का कहना था कि,'उसे कड़ी सज़ा मिलेगी। यह पूरी तरह से घृणित और निंदनीय जुर्म है। इस जुर्म के पीछे सोचा समझा मकसद व योजना थी।मैं साफतौर पर मानती हूं कि इस जुर्म की कोई भी सफाई और दुहाई नहीं दी जा सकती है।आप किसी को सिर्फ इसीलिए नहीं खत्म कर सकते कि वह इंसान आपकी धार्मिक भावनाओं के अनुसार नहीं चल रहा है' अहमद के वकील के मुताबिक,''उसने हत्या से पहले शाह से उनकी दुकान पर मुलाक़ात की थी। इस मुलाक़ात में अहमद ने शाह से पैगंबर होने का दावे पर बातचीत की थी।लेकिन बातचीत से संतुष्ट न होने पर उसने शाह पर चाकू से हमला कर दिया।इसके बाद अहमद आराम से बस स्टैंड तक चलकर गया। वह वहां ऐसे सिर झुकाकर बैठ गया जैसे वह इबाद़त कर रहा हो।उसने भागने की कोशिश भी नहीं की, पुलिस के पकड़ने पर उसने उनके साथ भी कोई बदतमीज़ी नहीं की और उन्हें कोई नुकसान पहुंचाया।''
 
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'इस्लाम का अपमान' करने पर मुस्लिम की हत्या - फोटो : BBC
असद शाह शांतिप्रिय अहमदिया मुस्लिम थे।पाकिस्तान के संविधान में अहमदिया मुस़लमानों को खुद को मुस़लमान कहने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। शाह की पैदाईश पाकिस्तान में हुई थी लेकिन वह 1998 में अपने परिवार सहित स्कॉटलैंड में आकर बस गए थे। शाह और उनका परिवार खुद को मुस़लमान ही मानता था। उन्हें ब्रिटेन में शरण दी गई थी। जिस दिन शाह की मृत्यु हुई उस दिन उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर गुड फ्राईडे और हैप्पी ईस्टर' संदेश पोस्ट किया था। अहमद के वकील का मानना है कि शाह की इस पोस्ट से उनकी हत्या का कोई संबंध नहीं था।
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'इस्लाम का अपमान' करने पर मुस्लिम की हत्या

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'इस्लाम का अपमान' करने पर मुस्लिम की हत्या - फोटो : BBC
शाह की हत्या की अहमदिया नेताओं ने निंदा करते हुए बयान दिया था कि, 'ईशनिंदा करने पर भी हत्या करना इस्लाम की शिक्षाओं के ख़िलाफ है।हमें इस तरह की हिंसा का समर्थन करने वाली सोच को ब्रिटेन सहित दुनिया में कहीं जड़ नहीं जमाने देनी हैं। शाह अपने इलाके के जाने—माने व्यक्ति थे। उनकी हत्या से स्थानीय लोगों में दहशत और शोक का माहौल बन गया था।
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