पाकिस्तान में करतारपुर गुरुद्वारा साहिब को सजाया जा चुका है, इसके उद्घाटन में बस पांच दिन बाकी हैं। नौ नवंबर को उद्घाटन होगा और 10 नवंबर को भारतीय श्रद्धालु वहां जाएंगे। बता दें कि रविवार रात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने करतापुर परिसर की कुछ चुनिंदा तस्वीरें ट्वीट कीं।
ऐसे सजा है करतारपुर गुरुद्वारा साहिब, इन तस्वीरों को देखकर घर बैठे करें दर्शन
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पाकिस्तान ने यहां आने वाले सिख श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट की शर्त समाप्त कर दी थी, केवल वैध पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य किया गया है। भारतीयों ने यहां आने के लिए करीब दस दिन पहले पंजीकरण कराना शुरू कर दिया था। गुरुदेव नानक की 550वीं जयंती और कॉरिडोर के उद्घाटन के दिन शुल्क नहीं लिया जाएगा। अन्य दिनों में 1400 रुपए फीस लगेगी।
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, करतारपुर जाने वाले पहले जत्थे में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी समेत 575 लोगों के नाम शामिल हैं। यह जानकारी पाकिस्तान की सरकार से साझा की जा चुकी है। करतारपुर कॉरिडोर पंजाब के गुरदासपुर में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब से जोड़ता है।
यह गुरुद्वारा भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह गुरुद्वारा 94 साल पहले साल 1925 में बनाया गया था। करतापुर कॉरिडोर को लेकर दोनों देशों के बीच हुए समझौते के मुताबिक, रोज 5000 श्रद्धालु करतारपुर जा सकेंगे। कॉरिडोर में निर्माण कार्य की नींव साल 2018 में रखी गई थी। करीब ग्यारह महीनों में इसका काम पूरा हुआ है। कॉरिडोर की कुल लंबाई छह किलोमीटर में है, जिसमें से दो किलोमीटर का हिस्सा भारत में पड़ता है।
साल 2019 सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550वीं जयंती का वर्ष है, पाकिस्तान में मौजूद यह जगह ननकाना साहिब का जन्मस्थान है। यह पवित्र स्थान लाखों सिख श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इसके खुलने से पाकिस्तान में धार्मिक पर्यटन बढ़ने की उम्मीद है। बता दें कि गुरु नानक देव ने यहीं रावी नदी के किनारे स्थित दरबार साहिब गुरुद्वारे में अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए थे।