रिपब्लिकन डोनल्ड ट्रंप के ये हैं 14 'ट्रंप कार्ड', क्या आएंगे उनके काम?
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3. सच उगलवाने के लिए सख्त यातनाएं देना सही- इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका को पूछताछ के लिए 'कठोर' तरीकों का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चरमपंथी जिस तरह से लोगों का सिर कलम करने जैसे तरीक़े अपनाते हैं उनकी तुलना में ये बेहद मामूली हैं.
4. आईएस पर भारी बमबारी करेंगें- उनका कहना है कि आईएस के ख़िलाफ़ उनका रवैया बहुत सख़्त होगा. और वो आईएस के पास तेल का जो ज़ख़ीरा है उसे उसके क़ब्ज़े से निकाल लेंगे.
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5. सरल टैक्स कोड बनाएं- ट्रंप चाहते हैं कि 25 हज़ार डॉलर से कम आय वालों को कोई टैक्स न देना हो. वो एक टैक्स फॉर्म भरेंगे जिसमें लिखा होगा 'मैं जीता.' वो व्यापार कर को 15 फ़ीसद तक कम करने के पक्ष में हैं. बहुराष्ट्रीय कंपनियों को विदेशों से देश पैसा वापस लेने के लिए 10 फ़ीसद की दर से कर देना होगा.
6. अमेरीका और मेक्सिको के बीच दीवार- चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि मेक्सिको से आने वाले प्रवासी 'नशीली दवाओं की तस्करी में लगे हैं. उनके मुताबिक 'जब वो अमरीका आते हैं तो अपराध उनके साथ आता है, और ये लोग बलात्कारी हैं.' वो कहते हैं कि इससे सीरिया की तरफ़ से आने वाले शरणार्थियों पर भी रोक लगेगी. उनका ये भी कहना है कि अमरीका और मेक्सिको के बीच तैयार की जानेवाली दीवार के निर्माण के लिए पैसा मेक्सिको को देना चाहिए. बीबीसी का अनुमान है कि ऐसी दीवार के निर्माण में 2.2 अरब डॉलर से लेकर 13 अरब डॉलर तक ख़र्च होगा।
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8. पुतिन और ट्रंप की अच्छी बनेगी-सीएनएन को एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि पुतिन और ओबामा एक-दूसरे को बेहद नापसंद करते हैं और इस वजह से उनके बीच कोई समझौता नहीं हो सकता।
उनका ये भी कहना है कि 'मेरी और उनकी (पुतिन की) अच्छी निभेगी और मुझे नहीं लगता है कि आप उस तरह की दिक्क़तों का सामना कर रहे होंगे जिनसे आप फ़िलहाल जूझ रहे हैं।'
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9. जलवायु परिवर्तन की बात धोखा है- हालांकि ट्रंप 'स्वच्छ हवा' और 'साफ़ पानी' को अहम मानते हैं लेकिन वो जलवायु परिवर्तन की बात को 'धोखा' बताकर खारिज़ करते हैं और मानते हैं कि व्यवसाय पर लगे पर्यावरण प्रतिबंध उन्हें वैश्विक बाज़ार में कम प्रतिस्पर्धी बनाते हैं.
10. सद्दाम और गद्दाफ़ी होते तो बेहतर होता- ट्रंप ने सीएनएन से कहा है कि उनका मानना है कि अगर 'दोनों तानाशाह ज़िंदा होते' तो लीबिया और इराक़ के हालात बेहतर होते. हालांकि वो मानते हैं कि 'सद्दाम एक डरावनी शख़्सियत थे लेकिन उन्होंने चरमपंथियों से बेहतर तरीक़े से लड़ा था.'