Post Office Registered Post: भारतीय डाकघर आज भी देश में जरूरी कागजात और पार्सल भेजने का सबसे भरोसेमंद माध्यम माना जाता है। वैसे तो पोस्ट ऑफिस में कई सेवाएं चल रही हैं, लेकिन डाकघर की दो सेवाएं सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं रजिस्ट्री यानी रजिस्टर्ड पोस्ट और स्पीड पोस्ट। अक्सर आम लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं या इस उलझन में रहते हैं कि उनके लिए कौन सा विकल्प बेहतर रहेगा।
हालांकि दोनों का काम डाक पहुंचाना ही है, लेकिन दोनों के काम करने के तरीके, समय, सुरक्षा और खर्च में काफी अंतर होता है, जिसको लेकर लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं।
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डिलीवरी की रफ्तार और समय का बड़ा फर्क
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डिलीवरी की रफ्तार और समय का बड़ा फर्क
स्पीड पोस्ट जैसा कि इसके नाम से ही साफ है, डाकघर की सबसे तेज चलने वाली प्रीमियम सेवा है। इसके जरिए आपका पार्सल या पत्र स्थानीय स्तर पर 1 से 2 दिन और देश के किसी भी कोने में अधिकतम 3 से 4 दिनों के भीतर पहुंच जाता है। वहीं रजिस्ट्री यानी रजिस्टर्ड पोस्ट की बात करें तो इसमें सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, इसलिए इसमें डिलीवरी होने में 5 से 7 दिन या उससे अधिक का समय लग सकता है।
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कीमत का अंतर
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कीमत का अंतर
स्पीड पोस्ट सेवा थोड़ी महंगी होती है, जिसमें दूरी और वजन के हिसाब से चार्ज लिया जाता है और इस पर न्यूनतम शुल्क ₹41 से शुरू होता है। वहीं दूसरी तरफ, रजिस्ट्री एक किफायती और सस्ती सेवा है, जिसमें न्यूनतम शुल्क ₹26 से शुरू होता है। अगर आप कम बजट में कोई जरूरी दस्तावेज भेजना चाहते हैं और समय की पाबंदी नहीं है, तो रजिस्ट्री आपके लिए एक बेहतर और सस्ता माध्यम है।
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रसीद की अतिरिक्त सुविधा
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रसीद की अतिरिक्त सुविधा
रजिस्ट्री सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपको कम पैसे (3-4 रुपये) में 'एक्नॉलेजमेंट ड्यू' की सुविधा मिलती है। इसका मतलब है कि जब आपका पत्र सामने वाले व्यक्ति को मिल जाएगा, तो वह एक रसीद पर साइन करेगा और वह रसीद सबूत के तौर पर आपके घर वापस आएगी। इसके लिए आपको अपने पार्सल के साथ एक्नॉलेजमेंट ड्यू का कागज भी अटैच करना होता है। स्पीड पोस्ट में यह लिखित रसीद के लिए अधिक पैसे (10 रुपये से अधिक) लगते हैं।
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खो जाने पर सुरक्षा के नियम
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खो जाने पर सुरक्षा के नियम
अगर डाकघर की गलती से आपका स्पीड पोस्ट समय पर नहीं पहुंचता या खो जाता है, तो डाक विभाग के नियमों के अनुसार आपको मुआवजे के रूप में स्पीड पोस्ट शुल्क का दोगुना या 1,000 रुपये (जो भी कम हो) दिया जाता है। वहीं, रजिस्ट्री में पार्सल खोने की स्थिति में 100 रुपये का निश्चित मुआवजा मिलता है। इसलिए, ध्यान रखें कि बेहद कीमती और गोपनीय दस्तावेजों के लिए इंश्योरेंस जरूर कराएं।