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AI Regulation: एआई को लेकर इस चिट्ठी ने उड़ाए दुनिया के होश, जरूर पढ़ें यह खबर

Thu, 25 May 2023 02:31 PM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संकल्प सिंह Updated Thu, 25 May 2023 02:31 PM IST
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Pause Giant AI Experiment Open Letter: AI Threat And Regulations In Society
Pause Giant AI Experiment Open Letter - फोटो : Istock

लौह, कांस्य और न्यूक्लियर एज से होते हुए अब हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युग में कदम रख चुके हैं। चैटजीपीटी, गूगल बार्ड जैसे एआई बेस्ड लैंग्वेज मॉडल टूल्स के दस्तक ने इस नए युग की शुरुआत कर दी है। आने वाले समय को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक नए सिरे से परिभाषित करेगा। बिजनेस, एजुकेशन, ई-कॉमर्स, गवर्नेंस से लेकर हर क्षेत्र में एआई का बड़े पैमाने पर उपयोग किए जाने की शुरुआत हो चुकी है। इसी के समानांतर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े खतरे भी सामने निकलकर आने लगे हैं।



कुछ दिनों पहले यूएस के डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस यानी पेंटागन की एक तस्वीर काफी तेजी से वायरल हो रही थी। इस तस्वीर में पेंटागन के ऊपर धुएं का गुबार उठता हुआ दिखाई दे रहा था। ऐसा लग रहा था मानों वहां पर किसी ने एक बड़ा हमला किया हो। इस तस्वीर के सोशल मीडिया पर सामने आते ही अमेरिकी शेयर बाजार में भूचाल सा आ गया। इस खबर को दुनिया भर के कई बड़े डिजिटल न्यूज वेबसाइट ने कवर किया। हालांकि, बाद में जब जांच हुई, तो पता चला कि यह एक एआई जनरेटेड तस्वीर थी। 

दूसरा उदाहरण डोनाल्ड ट्रंप का है। कुछ महीनों पहले डोनाल्ड ट्रंप की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुई थीं, जिनमें उन्हें गिरफ्तार होता हुआ दिखाया गया था। इन तस्वीरों को देखने के बाद कई लोगों को विश्वास हो गया कि ट्रंप वाकई गिरफ्तार हो चुके हैं। हालांकि, बाद में पता चला कि इसे भी एआई द्वारा बनाया गया था। गौर करने वाली बात यह है कि ये तस्वीरें देखने में इतनी वास्तविक लग रही थीं कि इनमें फर्क करना काफी मुश्किल था। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन से समाज में डिसइंफोर्मेशन काफी तेजी से फैल रही है। यही नहीं इंफोर्मेशन को मैनिपुलेट करके उसे समाज में परोसा जा रहा है।

Pause Giant AI Experiment Open Letter: AI Threat And Regulations In Society
Pause Giant AI Experiment Open Letter - फोटो : ANI

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े इन्हीं खतरों को देखते हुए अरबपति बिजनेसमैन एलन मस्क, मशहूर लेखक युवाल नोह हरारी, एआई से जुड़े कई वैज्ञानिकों, कंपनियों के सीईओ और संस्थापकों ने अप्रैल के महीने में एक ओपन लेटर जारी किया। 

Pause Giant AI Experiment Open Letter: AI Threat And Regulations In Society
Pause Giant AI Experiment Open Letter - फोटो : iStock

"पॉज जायंट एआई एक्सपेरिमेंट" नामक इस ओपन लेटर में यह साफ लिखा था कि उत्तम किस्म और शक्तिशाली एआई सिस्टम को तभी बनाया जाए, जब हम आश्वस्त हो जाएं कि उनका सकारात्मक असर समाज पर पड़ेगा। इस ओपन लेटर में इस बारे में भी लिखा था कि मानव बुद्धिमत्ता के साथ प्रतिस्पर्धा करने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मानवता और समाज के लिए कई खतरों को जन्म दे सकते हैं। 

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Pause Giant AI Experiment Open Letter: AI Threat And Regulations In Society
Pause Giant AI Experiment Open Letter - फोटो : Istock

यही नहीं एआई बेस्ड चैटबॉट टूल्स समाज में दुष्प्रचार को बढ़ावा दे सकते हैं। इसका इस्तेमाल राजनीतिक हितों को साधने में किया जा सकता है, जिसका बुरा असर लोकतंत्र पर पड़ेगा। इससे समाज में ध्रुवीकरण बढ़ेगा। आज के समय एआई पर शोध करने वाली प्रयोगशालाएं कुछ भी कर सकने में सक्षम हैं। ऐसे में इनकी जांच की जानी चाहिए और जल्द से जल्द इन पर रोक लगाया जाना चाहिए। 

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Pause Giant AI Experiment Open Letter: AI Threat And Regulations In Society
Pause Giant AI Experiment Open Letter - फोटो : Istock

इस ओपन लेटर के बाद दुनिया के कई देशों की सरकारें एआई के प्रति काफी संजीदा हो गई हैं। इटली ने ओपन एआई कंपनी को अपने देश से जुड़े डाटा को इकट्ठा करने पर रोक लगा दी है। 

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