Less Ration Given By Shopkeeper Fix: देश भर में करोड़ों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत हर महीने सरकारी राशन दुकानों से रियायती या मुफ्त अनाज दिया जाता है। लेकिन कई बार राशन डीलर यानी कोटेदार वजन में हेराफेरी करके लोगों को तय मात्रा से कम अनाज देते हैं या फिर पूरा राशन देने के बदले अधिक पैसे वसूलते हैं। जानकारी के अभाव में आम जनता चुपचाप इसे सह लेती है।
मगर आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सरकार ने घटतौली रोकने के लिए सख्त कानून बनाए हैं। अगर कोई कोटेदार आपके हक का राशन काटता है, तो आप तुरंत इसकी लिखित या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर उस कोटेदार का लाइसेंस तक कैंसिल किया जा सकता है। आइए इस लेख में समझते हैं कि आप इसकी शिकायत कैसे कर सकते हैं।
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राशन कार्ड
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टोल-फ्री नंबर पर फोन करके तुरंत दर्ज कराएं शिकायत
- अगर आपका कोटेदार कम अनाज दे रहा है या बदतमीजी कर रहा है, तो आप अपने राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (जैसे 1800-180-0150) पर कॉल कर सकते हैं।
- कॉल करके अपनी समस्या, राशन कार्ड नंबर और दुकान का पता दर्ज कराएं।
- इसके अलावा आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1800-11-4000 पर भी कॉल करके शिकायत कर सकते हैं।
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खाद्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर कैसे करें शिकायत? (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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खाद्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर कैसे करें शिकायत?
- घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए अपने राज्य के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (एनएफएसए) पोर्टल पर जाएं।
- वहां 'शिकायत दर्ज करें' वाले विकल्प पर क्लिक करें। अपने राशन कार्ड की जानकारी और कोटेदार की मनमानी का ब्योरा भरकर शिकायत सबमिट कर दें।
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जिला पूर्ति अधिकारी को सौंपे लिखित आवेदन
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जिला पूर्ति अधिकारी को सौंपे लिखित आवेदन
- अगर ऑनलाइन या फोन से समस्या का समाधान न हो, तो आप अपने तहसील या जिला मुख्यालय स्थित जिला पूर्ति अधिकारी या खाद्य निरीक्षक के दफ्तर जा सकते हैं।
- वहां लिखित आवेदन देकर कोटेदार की घटतौली की शिकायत सीधे दर्ज कराई जा सकती है।
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दोषी पाए जाने पर कोटेदार पर होती है सख्त कानूनी कार्रवाई
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दोषी पाए जाने पर कोटेदार पर होती है सख्त कानूनी कार्रवाई
- शिकायत मिलने पर खाद्य विभाग की टीम राशन दुकान पर जाकर ई-पॉस मशीन और स्टॉक की औचक जांच करती है।
- अगर कोटेदार की गलती साबित होती है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाता है और उसका दुकान आवंटन (लाइसेंस) हमेशा के लिए कैंसिल कर दिया जाता है।