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EMI: होम लोन की दरों में होने लगी है बढ़ोतरी, इन तरीकों को अपनाने पर नहीं बढ़ेगा आपके ऊपर ईएमआई का बोझ

Wed, 10 Aug 2022 03:52 PM IST
संकल्प सिंह यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संकल्प सिंह Updated Wed, 10 Aug 2022 03:52 PM IST
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How to reduce EMI Burden after increasing Loan interest rate
How to reduce EMI Burden - फोटो : Istock

हाल ही में आरबीआई ने रेपो रेट की दरों में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की है। आरबीआई द्वारा बढ़ाई गई रेपो रेट की दरों के बाद अब बैंकों द्वारा लोन की दरों में भी बढ़ोतरी की जाने लगी है। एचडीएफसी बैंक ने अपने लोन की दरों में 0.25 फीसदी की वृद्धि की है। बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक अगर आपने 30 लाख रुपये का लोन लिया है। ऐसे में आपको हर साल 7.70 प्रतिशत का ब्याज दर चुकाना होगा। लोन महंगे होने के कारण आपके ऊपर आने वाले वक्तों में ईएमआई का बोझ भी बढ़ सकता है। रेपो रेट की दरों में वृद्धि होने की वजह से एचडीएफसी बैंक के अलावा दूसरे बैंक भी लोन की दरों में आने वाले समय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। ऐसे में आपकी ईएमआई बढ़ने से आपके घर का बजट बिगड़ सकता है। इसी कड़ी में आज हम आपको उन तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप अपने ईएमआई के बोझ को कम कर सकते हैं।

How to reduce EMI Burden after increasing Loan interest rate
money new - फोटो : istock

प्री पेमेंट

ब्याज दर बढ़ने की स्थिति में आप प्री पेमेंट करके अपने लोन की दरों को कम करवा सकते हैं। प्री-पेमेंट के जरिए कर्ज ली गई मूल राशि को एडजस्ट किया जाता है। प्रीपेमेंट करने पर आपके कर्ज का मूलधन कम हो जाता है। इसका असर आपकी ईएमआई पर भी देखने को मिलता है।

How to reduce EMI Burden after increasing Loan interest rate
money new - फोटो : istock

लोन का टेन्योर

ब्याज दर बढ़ने पर आप अपने लोन का टेन्योर भी बढ़ा सकते हैं। अमूमन देखने को मिलता है कि ज्यादा ईएमआई होने की वजह से हमारा बजट बिगड़ जाता है। ऐसे में आप अपने लोन का टेन्योर बढ़ाकर ईएमआई कम करा सकते हैं। हालांकि, ऐसा करने पर आपको पहले के मुकाबले ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा।

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How to reduce EMI Burden after increasing Loan interest rate
How to reduce EMI Burden - फोटो : Istock

रिफाइनेंस

ईएमआई के बोझ से बचने के लिए रिफाइनेंस भी एक बेहतर विकल्प है। लोन रिफाइनेंस का ऑप्शन तब अपनाया जाता है, जब आपके लोन की दर और मार्केट रेट में मिल रहे दूसरे लोन के बीच बड़ा अंतर होता है। 

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How to reduce EMI Burden after increasing Loan interest rate
How to reduce EMI Burden - फोटो : Istock

अगर आपने अधिक ब्याज दर पर लोन लिया है। वहीं मार्केट में दूसरा बैंक आपको कम ब्याज दर पर लोन दे रहा है। ऐसे में आप लोन रिफाइनेंस के ऑप्शन को अपना सकते हैं।  

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