Commercial And Domestic LPG Cylinder Me Diffrence: दिल्ली समेत कई जगहों पर रेस्टोरेंट कारोबार में मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर साफ दिखने लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से लगभग 70 प्रतिशत रेस्टोरेंट अब किसी न किसी रूप में संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने कारोबारियों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
दरअसल, हाल ही में तेल कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल एलपीजी दोनों की कीमतों में बढ़ोतरी की है। घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर अब 60 रुपये महंगा हो गया है, जबकि 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर पर 115 रुपये का इजाफा हुआ है। इस वजह से कुछ दुकानदार अब ब्लैक मार्केट से घरेलू सिलेंडर खरीदने लगे हैं, क्योंकि ये सस्ता पड़ रहा है।
अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं तो आपके लिए ये खबर है। आपके लिए ये जानना जरूरी है कि घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर में क्या अंतर है और दुकानदार अगर घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल करें तो क्या जोखिम हो सकते हैं? इस लेख में हम विस्तार से बताने जा रहे हैं।
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क्या होता है कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर में अंतर?
- फोटो : Adobe Stock
कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर में क्या अंतर है?
घरेलू सिलेंडर सामान्य घरों के उपयोग के लिए होता है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर रेस्तरां और होटल जैसी बड़ी रसोई के लिए डिजाइन किए गए हैं। कमर्शियल सिलेंडर में गैस का दबाव अधिक होता है और ये लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल के लिए सुरक्षित होते हैं।
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जबकि घरेलू सिलेंडर को व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए डिजाइन नहीं किया गया है। रेस्तरां में लगातार और भारी इस्तेमाल के दौरान यह रिस्क बढ़ा देता है, जिससे आग लगने या धमाके का खतरा होता है। इसलिए दुकानदारों को घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है।
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दुकानदार घरेलू सिलेंडर क्यों खरीद रहे?
दरअसल, कुछ दुकानदार बढ़ी हुई कीमत और सिलेंडर की कमी की वजह से ब्लैक मार्केट से घरेलू सिलेंडर खरीद रहे हैं। ये गैरकानूनी है और इसके लिए भारी जुर्माना भी हो सकता है।
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मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दुकानदार या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा घरेलू एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करने पर ₹10,000 से लेकर ₹20,000 या उससे अधिक का जुर्माना लग सकता है।