फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Other Sports ›   sanjita chanu upset for not breaking cwg record in weightlifting

गोल्ड जीतने के बाद बोलीं संजीता- अब तक सोच रहीं हूं क्यों नहीं दिया अर्जुन अवॉर्ड

Sat, 07 Apr 2018 12:23 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 07 Apr 2018 12:23 AM IST
विज्ञापन
sanjita chanu upset for not breaking cwg record in weightlifting
संजीता चानू

संजीता चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स का दूसरा गोल्ड मेडल जरूर अपने नाम कर लिया है, लेकिन बीते वर्ष योग्यता होने के बावजूद उन्हें अर्जुन अवॉर्ड नहीं दिए जाने की टीस उनके मन में बरकरार है। संजीता ने अमर उजाला से कहा कि वह अब तक सोच रहीं हैं कि उन्हें यह अवॉर्ड क्यों नहीं दिया गया। संजीता को इस अवॉर्ड के लिए अदालत की शरण लेनी पड़ी थी। उनका कहना है कि शायह यह गोल्ड इस बार उन्हें जरूर यह अवॉर्ड दिला देगा। 

विज्ञापन


गोल्ड जीतने के बाद संजीता से मिलने के लिए खेल सचिव राहुल भटनागर आए। खेल सचिव ने जब उन्हें शाबाशी दी तो संजीता के मुंह से यही निकला कि उन्हें पिछले बार ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने के बावजूद अर्जुन अवॉर्ड नहीं दिया गया था। 
विज्ञापन


संजीता का कहना है कि वह अब तक नहीं भूल पाई हैं कि ग्लासगो के सभी गोल्ड मेडलिस्ट को यह अवॉर्ड दे दिया गया, लेकिन उन्हें भुला दिया गया। उनके साथ ऐसा क्यों हुआ यह बात उनके लिए अब तक पहेली बनी हुई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन



संजीता यह भी खुलासा करती हैं कि उनके लिए गोल्ड कोस्ट में जीता गया गोल्ड काफी अहमियत रखता है। एक तो यह गोल्ड उन्होंने 53 किलो में जीता है। इस वर्ग में कभी किसी भारतीय ने गोल्ड नहीं जीता। वहीं यह गोल्ड बेहद विपरीत परिस्थतियों में मिला है। इसकी वजह उनको वल्र्ड चैंपियनशिप के दौरान लगी पीठ की चोट है, जिससे वह अब तक जूझ रही हैं। 

गोल्ड मेडल जीतने के बावजूद खुश नहीं हैं संजीता चानू, जानिए क्यों?

sanjita chanu upset for not breaking cwg record in weightlifting
संजीता चानू

संजीता चानू ने शुक्रवार को गोल्ड कोस्ट में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में भारत को दूसरा गोल्ड मेडल दिलाया। 24 वर्षीया एथलीट ने महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में कुल 192 किग्रा का वजन उठाया। चानू ने स्नैच में 84 किग्रा भार और क्लीन एंड जर्क में 108 किग्रा का भार उठाया। मगर संजीता चानू गोल्ड मेडल जीतने के बावजूद खुश नहीं हैं।

पत्रकारों से बातचीत में मणिपुर की वेटलिफ्टर ने कहा कि वह कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड नहीं तोड़ने से निराश हैं। चानू के हवाले से पीटीआई ने कहा, 'अगर मैं अपना आखिरी लिफ्ट नहीं गिराती तो गेम्स रिकॉर्ड बना देती। मैं ऐसा करना चाहती थी। मैं ऐसा नहीं कर सकी, जिसकी वजह से निराश हूं। मगर मेरे ख्याल से ठीक है। मुझे नहीं पता।'

उन्होंने आगे कहा, 'मैं इस सोच के साथ आई थी कि रिकॉर्ड 112 किग्रा का भार उठाऊंगी। कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड 111 किग्रा है। मुझे लगा कि यह मुश्किल नहीं है। संभवतः भगवान का साथ मुझे नहीं मिला।'

वर्ल्ड चैंपियनशिप्स से पहले चानू को पीठ में चोट लगी थी, वह इस स्पर्धा के लिए 100 प्रतिशत फिर नहीं थीं। उन्होंने कहा, 'यहां आने से पहले मुझे पीठ की चोट की समस्या थी। मैंने सिर्फ 15 दिन इस प्रतियोगिता के लिए ट्रेनिंग की। मैं अभी भी 10 प्रतिशत कम फिट हूं। एरीना के बाहर फिजियो मेरी फिटनेस पर तगड़ा काम कर रहे हैं।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed