फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अयंगर योग: 195 सूत्रों में पिरोया गया है योग को, ध्यान से लेकर वर्कआउट है इसमें शामिल

Thu, 21 Sep 2017 02:08 PM IST
रजवी एच. मेहता
रजवी एच. मेहता Updated Thu, 21 Sep 2017 02:08 PM IST
विज्ञापन
meditation and workout all is part of yoga, know more by Rajvi H Mehta of Iyengar Yogashraya

योग का मतलब होता है संगठन, जुड़ना और उससे खुद को बांधना। अपने स्कूली दिनों से यहीं सीखा था अभिषेक ने, इसीलिए तो पोस्ट ग्रेजुशन एंट्रेम एग्जाम के परिणाम का इंतजार कर रहे अभिषेक ने इस बीच  योग को सीखने का फैसला किया। बाकी लोगों की तरह उसने भी योग के बारे में सुना तो बहुत कुछ था। कभी दोस्तों के बीच तो कभी परिवार वालों से, इसीलिए उसने योगा क्लास खोजना शुरू किया और दोस्तों से  क्लास के बारे में पूछना सही समझा।


उम्मीदों और उत्साह से भरे अभिषेक ने जब अपने दोस्तों से पूछा तो अपने दोस्तों के जवाब सुनकर वो निराश हो गया। किसी ने उसे हाथ योग क्लास को जॉइन करने की  सलाह दी तो किसी ने युवाओं के लिए पावर योग को सही बताया। ये सब तो कुछ नहीं एक दोस्त का जवाब सुनकर तो आश्चर्य में पड़ गया।

meditation and workout all is part of yoga, know more by Rajvi H Mehta of Iyengar Yogashraya

एक दोस्त ने तो यहां तक कह दिया कि टीवी से योग सीख लो, क्लास  में जाकर पैसा बर्बाद मत करो। निराशा से भरे अभिषेक के ही एक दोस्त ने कहा कि वो अयंगर योग क्लास जाता है और अगर तुम योग सीखना चाहते हो तो इससे अच्छा विकल्प नहीं है।
दोस्तों के ऐसे जवाब सुनकर चकराए अभिषेक ने खुद ही क्लास खोजने का फैसला लिया और दोस्‍तों से आखिरी बार पूछ ही लिया कि चलो ये तो बता दो कि आखिर तुम लोग क्लास में जाकर करते क्या हो? इस पर भी दोस्तों का जवाब सुनकर अभिषेक उलझ गया। दोस्त ने कहा कि वो वहां जाकर चुपचाप बैठ जाता है और ध्यान करता है। कई बार तो सो भी जाता है। हैरान भाव के अभिषेक ने पूछा कि वर्कआउट करते  हुए सोना कैसे संभव है? 

meditation and workout all is part of yoga, know more by Rajvi H Mehta of Iyengar Yogashraya

दोस्त ने उसकी जिज्ञासा को शांत करते हुए कहा कि वे लोग कई तरह की क्रियाएं करते हैं। वातानुकूलित कमरे में बैठते हैं और 40 डिग्री में वर्कआउट करने से कैलोरी को कम करते हैं। पूरे दिन क्लास में क्या किया, वे सब नोट करते हैं। जिससे कि अगले दिन गलती को न दोहराएं। दोस्त ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा कि वैसे कुछ दिन पहले एक न्यूजपेपर में आया था कि योग आपकी गर्दन को चोटिल भी कर सकता है, इसीलिए जिम जाना सही र‌हता है। इतनी बातें सुनकर तो अभिषेक और अधिक उलझ गया, इस बात को लेकर की आखिर योग क्या है? कभी दोस्त बोलते हैं योग में चुपचाप बैठना होता है तो कभी  बोलते हैं वर्क आउट। अभिषेक में मन में सवालों का तूफान आ गया। इसीलिए इसे शांत करने के लिए उसने इस पर रिचर्स करना शुरू किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
meditation and workout all is part of yoga, know more by Rajvi H Mehta of Iyengar Yogashraya

संयोग से उस दिन योग गुरु बीकेएस अयंगर की तीसरी पुण्यतिथि थी और कुछ दिन पहले ही दैनिक अखबार अमर उजाला ने उनके काम के बारे में एक अच्छा फीचर दिया था। इसके बाद अभिषेक ने अयंगर की  किताबों के जरिए योग को समझकर अपनी यात्रा शुरू की। अभिषेक जैसे और भी बहुत लोग है जिन्होंने योग के बारे में सुना तो बहुत कुछ है, लेकिन ऐसी बातों को लेकर उलझन में पड़ जाते हैं। उन्हें इसी उलझन  से निकालने के लिए योग जैसे प्राचीन विषय को गहराई से बताएंगे और आज की दुनिया में इसे खुद पर लागू करना भी। 

विज्ञापन
meditation and workout all is part of yoga, know more by Rajvi H Mehta of Iyengar Yogashraya

अयंगर योगाश्रय के राजवी एच मेहता का कहना है कि इतना कुछ पढ़ने- सुनने के बाद भी इस सवाल का जवाब जब हम ढूंढने जाते हैं, तो कन्फयूज हो जाते हैं। योग भारतीय दर्शन के छह प्रमुख सिस्टम में से एक  है। माना जाता है इसकी शुरुआत मानव जाति की शुरुआत से ही हो गई थी। पीढ़ियों से यह ज्ञान गुरु से शिष्य को मिलता रहा है। बहुत से प्राचीन ग्रंथों में भी योग का जिक्र है। हालांकि योग को पूरी तरह से समर्पित पहली किताब योग दर्शन है। इसमें ऋषि पतंजलि ने योग प्रणाली को 195 सूत्रों या छोटे- छोटे छंदों में पिरोया।
माना जाता है कि यह ग्रंथ करीब 2500 साल पुराना है। योग में सांस की एक्साइज,  ध्यान लगाने की कला आदि सीखते हैं। योग भारतीय दर्शनशास्‍त्र के छह सिस्टम में से ही एक है। आज के समय लोगों को योगा को लेकर कंफ्यूजन है। योग के आठ अंग होते हैं। यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारना, ध्यान और समाधि इन सभी का योग में अलग अलग मतलब होते हैं। इन सभी के बारे में गहराई से आप हमारे साप्ताहिक कॉलम के जरिए जान सकते हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed