दशरथ पुत्र भगवान श्री राम का नाम कौन नही जानता होगा। हममें से कितने ही लोग नित्य भगवान राम की पूजा तो करते होंगे पर हम कभी भी उनके चरित्र की अच्छी बातों को ग्रहण करने की कोशिश नहीं करते है। आज हम आपको मर्यादा पुरूषोत्तम राम के चरित्र की कुछ बातें बताएंगे और यदि आप इन बातों पर अमल कर लेते हैं तो आपका जीवन भी खुशियों से भर जाएगा।
Diwali Special: युवाओं को भगवान राम के चरित्र से सीखनी चाहिए ये 5 बातें
भगवान श्री राम जी ने हमेशा अपने गुरु वशिष्ट की आज्ञा का पालन किया है।
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रामायण में भगवान श्रीराम को भगवान विष्णु का अवतार बताया गया है जो स्वंय भगवान के गुणों से ओतप्रोत है। आज समाज के लोगों के आचरण में जो मिलावट आई है ऐसे में भगवान राम के आचरण से हमें पवित्रता की सीख लेनी चाहिए।
माता-पिता के लिए सम्मान
पिता दशरथ और माता कैकेयी के द्वारा 14 वर्ष का वनवास दिए जाने पर श्री राम ने माता-पिता की आज्ञा का पालन किया। साथ ही भगवान राम को पता था कि मेरे पिता वचन के आगे मजबूर हैं इसलिए उन्हें उनकी आज्ञा का पालन करना ही होगा इसलिए राम ने वनवास का रास्ता चुन लिया।
गुरु के प्रति आदर
गुरु का स्थान किसी भी व्यक्ति के जीवन में सबसे बड़ा होता है। गुरू के ज्ञान से ही हम जीवन में सफलता प्राप्त कर पाते हैं परन्तु आज का युवा गुरू की आज्ञा का पालन नही करता है और बिना मार्गदर्शन के गलत राह पर चलने लगता है। भगवान श्री राम जी ने हमेशा अपने गुरु वशिष्ट की आज्ञा का पालन किया है। हमें उनके चरित्र से गुरू भक्ति सीखनी चाहिए।
धैर्यशाली व्यक्तित्व
किसी भी मुश्किल परिस्थिति में भगवान राम ने अपना धैर्य नहीं खोया है। उन्होनें हर परेशानी में धैर्य से काम लिया है इसलिए हमें भगवान राम जी तरह जीवन की हर तकलीफ मेंं शांति से कार्य करना चाहिए।