गणपति जी के अलंकारों व प्रतीको का उल्लेख धार्मिक कथाओ में किया गया है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार गणेश जी के हाथी वाले मुख के पीछे आध्यात्मिक रहस्य है। आज हम उन्हीं रहस्यों और उनके महत्व के बारे मे बताएंगे।
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बुधवार विशेष: गणपति जी के अलंकारों व प्रतीको का महत्व
Wed, 25 Dec 2019 02:26 PM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Wed, 25 Dec 2019 02:26 PM IST
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सूंड
- गणपति जी की सूंड शक्ति का प्रतीक चिन्ह है। हाथी की सूंड इतनी शक्तिशाली होती है कि वह किसी वृक्ष को भी उखाड़ कर फेंक सकती है। साथ ही किसी भी छोटी से छोटी चीज़ को उठा सकती है।
कान
- गणपति जी के बड़े-बड़े कान ज्ञान श्रवण के प्रतीक हैं । हमे यह शिक्षा देते हैं कि आवश्यक एवं महत्वपूर्ण बात चाहे वह खुद के प्रति हो या किसी और के प्रति हमें ध्यान से सुननी चाहिए । शास्त्रों में भी इस बात का वर्णन है कि गुरु जब अपने शिष्य को मंत्र देते हैं तो उसके कान में ही मंत्र उच्चारण करते हैं ।
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आंखें
- गणपति जी की आंखे दिव्य-दृष्टि वाली होती हैं और दूरदर्शिता का प्रतीक होती हैं। उन्हें छोटी चीज भी बड़ी दिखाई देती है ।
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गणेश जी का बड़ा सा पेट
- गणेश जी का पेट बहुत बड़ा होता है और ग्रहण करने की शक्ति का प्रतीक होता है। ज्ञानवान व्यक्ति की निंदा स्तुति होती है परंतु वह उनको स्वयं में संभाल लेता है । गणेश जी का बड़ा पेट ज्ञानवान के इसी गुणों का प्रतीक हैं।