हर व्यक्तियों के भीतर बुराईयों और अच्छाइयों का समागम होता है। जब बुराईयां हावी हो जाएं तो इंसान दानव बन जाता है और जब वह अच्छाईयों की तरफ बढ़ता है तो देवता के सामान ही हो जाता है। कई बार बुरे विचार हमारे मन में आते हैं, लेकिन हम उन पर काबू पाने की कोशिश करते है। यही चीजें हमें गलत और सही के दायरे में लाती है। इस तरह लंकापति रावण में भी कई कमियां थी, इसके बावजूद वह एक विद्वान महाज्ञानी पंडित था। रावण ने जीवन में एकाएक तरक्की की सीढ़िया चढ़ी और सफलता हासिल करी। अगर आप भी दुनिया को जीतने का सपना देखते हैं तो लंका नरेश रावण से सीखिए ये बातें यकीन मानिए जिंदगी में एक बड़ा बदलाव आएगा।
रावण से सीखिए दुनिया पर विजय प्राप्ति के मंत्र
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ज्ञान
इस बात को तो सभी लोग जानते हैं कि रावण बहुत बड़ा विद्वान ब्राह्मण था। उसने अपने ज्ञान के बल पर ही तीनों लोकों पर कब्जा कर रखा था। ये रावण का ज्ञान ही था जिसकी वजह से राम ने उसके आखिरी समय में लक्ष्मण को उससे शिक्षा लेने के लिए भेजा था। रावण की इस खूबी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अगर आपके पास ज्ञान है तो आपके शत्रु भी आपका सम्मान करेंगे।
दृढ़ संकल्प शक्ति
रावण का दूसरा सबसे बड़ा गुण यह था कि वो बेहद दृढ़ संकल्पी था। वो जिस भी वस्तु को पाने की चाह रखता था उसे हासिल करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करता था। आप रावण के स्वभाव का इसी बात से पता लगा सकते है कि उन्होंने धन रत्न कुबेर तक को अपना बंधक बना लिया था। अगर आप भी जीवन के हर मोड़ पर सफल होना चाहते हैं तो रावण की तरह दृढ़ संकल्पी बनें।
पराई स्त्री का सम्मान
रावण अपनी पत्नी मंदोदरी से बेहद प्यार करता था, बावजूद इसके सीता का अपहरण करना उसे भारी पड़ गया। रावण की कहानी से शिक्षा मिलती है कि आपकी सफलता और विफलता के पीछे महिलाओं का बहुत बड़ा हाथ होता है। इसलिए जीवन में तरक्की पाने के लिए हमेशा महिलाओं का सम्मान करते हुए उनके लिए कभी कोई गलत भावना अपने मन में न आने दें।
धर्म में आस्था
रावण बहुत बड़ा ज्ञानी होने के साथ भगवान शिव का बहुत बड़ा भक्त था। तीनों लोकों को अपने कब्जे में करने के बावजूद भी रावण की अपने धर्म में बहुत आस्था थी।