आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान थे। आज भी उनकी गिनती श्रेष्ठ विद्वानों में की जाती है। उनके द्वारा लिखे गए नीति शास्त्र की बातें आज भी बहुत प्रासंगिक हैं। नीति शास्त्र में जीवन के पहलुओं से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों का जिक्र किया गया है। यदि इन बातों को सही से समझा जाए और अपने जीवन में उतार लिया जाए तो व्यक्ति एक सुखी और सफल जीवन व्यतीत कर सकता है। आचार्य चाणक्य ने ऐसी ही कुछ बातों के बारे में बताया है, यदि जिन्हें ध्यान में रखा जाए तो समस्याओं से बचा जा सकता है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में।
chanakya niti: इन बातों का रख लिया ध्यान तो नहीं करना पड़ेगा समस्याओं का सामना
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दृष्टिपूतं न्यसेत्पादं वस्त्रपूतं जलं पिबेत्।
सत्यपूतं वदेद्वाचं मनः पूतं समाचरेत्।।
आचार्य चाणक्य कहते हैं इस श्लोक में कहते हैं कि पैर सदैव देखकर ही रखना चाहिए। इससे आप कई दुर्घटनाओं से बच सकते हैं। कई बार हम बिना देखे चलते रहते हैं और गलत जगह पर पैर रख जाने से चोट आदि लगने का डर रहता है। इसलिए सदैव देखकर ही पांव रखना चाहिए।
पानी सदैव कपड़े से छानकर पिएं
आचार्य चाणक्य इस श्लोंक के माध्यम से कहते हैं कि पानी को सदैव छानकर पीना चाहिए। इससे आपका शरीर स्वस्थ रहता है। पहले के समय में तालाब, कुंआ, पोखरों से पानी पीने के लिए लाया जाता था। ऐसे में चाणक्य ने कहा कि पानी छानकर ही पीना चाहिए।
कार्य करते समय बुद्धि का प्रयोग
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि चाहे कोई भी कार्य कर रहे हो अपनी बुद्धि का प्रयोग करते हुए ही करना चाहिए। कहने का तात्पर्य यह है कि हर कार्य सही प्रकार से सोच विचार करने के बाद ही करना चाहिए।
सदा सत्य बोलें
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि सदैव सत्य बोलना चाहिए क्योंकि एक असत्य छिपाने के लिए कई और असत्य बोलने पड़ते हैं और व्यक्ति मुसीबत में फंस जाता है। इसलिए सदैव सत्य बोलना चाहिए। सत्य बोलने से शायद उस समय आपको परेशानी हो जाए लेकिन आने वाले समय की मुसीबतों से आप बचे रहते हैं।