आचार्य चाणक्य के द्वारा सैंकड़ों वर्षों पहले लिखे गए नीति शास्त्र की बातें और वचन आज भी उतना ही औचित्य रखते हैं जितना उस काल में रखते थे। आचार्य एक महान अर्थशास्त्री, नीतिशास्त्री और दूरदर्शी थे। ये राजनीति और कूटनीति में भी कुशल थे। विभिन्न विषयों का गहन ज्ञान होने के कारण इन्हें कौटिल्य और विष्णु गुप्त भी कहा जाता था। अपनी नीतियों और बुद्धि का प्रयोग करके ही इन्होंने अपने शत्रु घनानंद का नाश करके चंद्रगुप्त को मौर्य साम्राज्य के सम्राट के रूप में स्थापित किया और इतिहास की धारा को बदल कर रख दिया। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि किसी भी व्यक्ति से मित्रता करते समय या संबंध जोड़ते समय कुछ बातों को यदि ध्यान में रखा जाए तो आने वाले समय में धोखा खाने से बचा जा सकता है। आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में ऐसी बातें बताई हैं जिससे व्यक्ति को परखा जा सकता है। जिन लोगों में ये गुण होते हैं उनके ऊपर विश्वास किया जा सकता है। तो आइए जानते हैं कि कौन से हैं वे गुण।
चाणक्य नीति: इन चार चीजों से परखें कैसा है व्यक्ति, नहीं मिलेगा कभी धोखा
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Fri, 25 Jun 2021 10:50 AM IST
सार
आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी व्यक्ति से मित्रता करते समय या संबंध जोड़ते समय कुछ बातों को यदि ध्यान में रखा जाए तो आने वाले समय में धोखा खाने से बचा जा सकता है।
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