Parad Lakshmi Puja Vidhi: 01 नवंबर 2026 रविवार के दिन दिवाली के पहले रवि पुष्य नक्षत्र का योग बन रहा है। रवि पुष्य नक्षत्र के दुर्लभ और अत्यंत शुभ योग में महालक्ष्मी की पारद (पारे) से निर्मित प्रतिमा घर लाना और उसका पूजन करना शास्त्रों में विशेष फलदायी बताया गया है। मां लक्ष्मी केवल धन की ही नहीं, बल्कि सुख, सौभाग्य, वैभव, समृद्धि, सफलता और ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री देवी हैं। रवि पुष्य के दिन पारद लक्ष्मी की आराधना करने से जीवन से पुरानी आर्थिक तंगी और दरिद्रता समाप्त होती है। यह पूजन विशेष रूप से व्यापार में वृद्धि, नए अवसरों की प्राप्ति और नौकरी में पदोन्नति के रास्ते खोलता है।
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प्रतिमा क्रय एवं गृह आगमन के नियम
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प्रतिमा क्रय एवं गृह आगमन के नियम
1. शौच और पवित्रता: रवि पुष्य योग वाले दिन पारद लक्ष्मी की मूर्ति खरीदने जाने से पूर्व स्वयं स्नान करके शुद्ध व पवित्र वस्त्र धारण करें।
2. शुभ मुहूर्त का चयन: प्रतिमा को घर लाते समय दिन के शुभ चौघड़िया मुहूर्त का विशेष ध्यान रखें। शुभ, लाभ या अमृत चौघड़िया में ही मां लक्ष्मी की मूर्ति को घर प्रवेश कराएं।
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पूजन सामग्री एवं अर्पित की जाने वाली वस्तुएं
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पूजन सामग्री एवं अर्पित की जाने वाली वस्तुएं
3. पवित्र लाल वस्तुएं: पूजा के दौरान मां लक्ष्मी को लाल चंदन, अक्षत (बिना टूटे हुए चावल) और सुंदर लाल वस्त्र अर्पित करें।
4. विशेष नैवेद्य: माता रानी के भोग के लिए गाय के दूध से बनी खीर या सफेद मिठाई (दूध के पकवान) का प्रयोग करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
5. पुष्प अर्पण: पूजन के समय माता को 108 की संख्या में ताजे लाल रंग के फूल (जैसे कमल या गुलाब) अर्पित करें।
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मंत्र जप और आरती विधान
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मंत्र जप और आरती विधान
6. सिद्ध आर्थिक संकट नाशक मंत्र: पूजन और ध्यान के दौरान नीचे दिए गए विशेष मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करें। इस मंत्र के प्रभाव से हर प्रकार का कर्ज और धन संकट दूर होता है:- ॐ श्री विघ्नहराय पारदेश्वरी महालक्ष्यै नम:
7. पंचमुखी दीप आरती: मंत्र जप और पुष्प अर्पित करने के पश्चात शुद्ध घी के पाँच बत्तियों वाले दीपक से माता लक्ष्मी की भावपूर्ण आरती करें। आरती के बाद अपने परिवार की आर्थिक समृद्धि और बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करें।
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दीपावली तक नित्य पूजन एवं स्थापना
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दीपावली तक नित्य पूजन एवं स्थापना
8. दैनिक आराधना: रवि पुष्य के दिन स्थापित की गई इस पारद प्रतिमा का उसी स्थान पर रखकर दीपावली के पर्व तक प्रतिदिन नियमित रूप से पूजन-अर्चन करें।
9. तिजोरी में स्थापना: दीपावली की मुख्य पूजा संपन्न होने के बाद, इस सिद्ध पारद लक्ष्मी प्रतिमा को अपने घर के लॉकर, व्यापारिक गल्ले या तिजोरी में पूर्ण आदर के साथ स्थापित कर दें। इससे वर्ष भर धन का आगमन बना रहता है।
- शैली प्रकाश