फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

यहां लगता है भूतों का मेला, पेड़ की परिक्रमा करने से दूर हो जाती हैं बाधाएं

Fri, 06 Dec 2019 04:10 PM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: योगेश जोशी Updated Fri, 06 Dec 2019 04:10 PM IST
विज्ञापन
Madhya pradesh baitul district shree guru saheb baba samadhi sthal bhut mela
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

आप इस बात को जानकर हैरान हो जाएंगे कि मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से 42 किमी दूर चिचोली तहसील मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर की दूरी पर बसे मलाजपुर गांव में भूतों का मेला लगता है। हर साल मकर संक्रांति की पूर्णिमा को लगने वाला भूतों का यह मेला वसंत पंचमी तक चलता है। दूर-दूर से लोग यहां पर अपने परिजनों को प्रेतबाधा से मुक्ति दिलवाने के लिए आते हैं।


 

 

Trending Videos
Madhya pradesh baitul district shree guru saheb baba samadhi sthal bhut mela
ghost - फोटो : pixabay.com

गुरु साहब बाबा की समाधि
कहा जाता है कि 1770 में गुरु साहब बाबा नाम के साधु यहां पर अपनी शक्तियों के द्वारा लोगों की समस्याओं का समाधान करते थे और लोगों को प्रेतबाधाओं से मुक्ति दिलवाते थे। गांव के सभी लोग उन्हें भगवान का ही रूप मानते थे। बाबा के पास ऐसी चमत्कारिक शक्तियां थीं की वह भूत-प्रेतों को वश में कर लिया करते थे। उन्होंने एक वृक्ष के नीचे ही जिंदा समाधि ले ली थी। बाद में गांववालों ने समाधी स्थल के पास में ही एक मंदिर बनवाया और हर वर्ष उनकी याद में मेले का आयोजन प्रारंभ करवा दिया। गांव वाले भूतों के इस मेले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। बाबा के समाधी लेने के बाद भी यहां प्रेतबाधा से पीड़ित व्यक्ति को प्रेतबाधा से मुक्ति मिल जाती है।

Madhya pradesh baitul district shree guru saheb baba samadhi sthal bhut mela
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
गुरु साहब बाबा का जीवन परिचय
श्रीदेवजी संत (गुरु साहब बाबा) का जन्म विक्रम संवत 1727 फाल्गुन सुदी पूर्णिमा को कटकुही ग्राम में हुआ था। बचपन से ही भगवान भक्ति में लीन रहते थे। श्री गुरु साहब बाबा ने संत जयंता बाबा से गुरुमंत्र की दीक्षा ग्रहण कर थी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Madhya pradesh baitul district shree guru saheb baba samadhi sthal bhut mela
ghost - फोटो : pixabay.com
प्रेतबाधा से मुक्ति का आसान उपाय
मंदिर में लगने वाले भूतों के मेले में बुरी आत्माओं, भूत-प्रेतों और चुड़ैल से प्रभावित लोग पेड़ की परिक्रमा करते हैं और अपनी बाधाएं दूर करते हैं। शाम की पूजा के बाद पेड़ की परिक्रमा की जाती है। 
मान्यता के अनुसार प्रेतबाधा से परेशान व्यक्ति विपरीत दिशा में परिक्रमा करता है, जबकि दूसरे सीधी दिशा में ही परिक्रमा करते हैं। परिक्रमा के दौरान जिन पर भूत-प्रेत का साया होता है वह कपूर जलाकर अपने हाथ और जुबान पर रख लेते हैं। 
मान्यताओं के अनुसार सभी भूत- प्रेत बाबा से भीख मांगते हैं और वादा करते हैं कि अब इस व्यक्ति के शरीर में कभी प्रवेश नहीं करूंगा या करूंगी।

 
विज्ञापन
Madhya pradesh baitul district shree guru saheb baba samadhi sthal bhut mela
गुड़
मंदिर में चढ़ाया जाता है गुड़
प्रेतबाधा से मुक्ति मिल जाने के बाद यहां पर व्यक्ति के वजन जितना गुड़ मंदिर में दान दिया जाता है। यहां काफी मात्रा में गुड़ जमा होने के बाद भी उसमें कीड़े, मक्खियां या चीटियां नहीं लगती हैं। यह भी एक चमत्कार से काम नहीं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed