भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए देवी पार्वती ने कठोर तपस्या की थी। माना जाता है कि जिस स्थान पर देवी पार्वती ने तपस्या की थी वह है केदारनाथ के पास स्थित गौरी कुंड। गौरी कुंड की खूबी यह है कि यहां का पानी सर्दी में भी गर्म रहता है। तपस्या पूरी होने के बाद गुप्तकाशी में देवी पार्वती ने भगवान शिव के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा था। जब भगवान शिव ने विवाह का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया तब देवी पार्वती के पिता हिमालय ने विवाह की तैयारियां शुरु कर दी और उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में इनकी शादी हुई।
Mahashivratri 2020: शिव को पति रूप में पाने के लिए मां पार्वती ने यहां किया था कठोर तप
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Thu, 06 Feb 2020 11:09 AM IST
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