फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Mahashivratri 2020: शिव को पति रूप में पाने के लिए मां पार्वती ने यहां किया था कठोर तप

Thu, 06 Feb 2020 11:09 AM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: योगेश जोशी Updated Thu, 06 Feb 2020 11:09 AM IST
विज्ञापन
Mahashivratri 2020 lord shiv parvati marriage story place and temple in uttarakhand
Mahashivratri 2020

भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए देवी पार्वती ने कठोर तपस्या की थी। माना जाता है कि जिस स्थान पर देवी पार्वती ने तपस्या की थी वह है केदारनाथ के पास स्थित गौरी कुंड। गौरी कुंड की खूबी यह है कि यहां का पानी सर्दी में भी गर्म रहता है। तपस्या पूरी होने के बाद गुप्तकाशी में देवी पार्वती ने भगवान शिव के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा था। जब भगवान शिव ने विवाह का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया तब देवी पार्वती के पिता हिमालय ने विवाह की तैयारियां शुरु कर दी और उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में इनकी शादी हुई।

Trending Videos
Mahashivratri 2020 lord shiv parvati marriage story place and temple in uttarakhand
Mahashivratri 2020

रुद्रप्रयाग जिले का एक गांव है त्रिर्युगी नारायण। कहते हैं इसी गांव में भगवान शिव का देवी पार्वती के साथ विवाह हुआ था। इस गांव में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित एक मंदिर है जिसे शिव पार्वती के विवाह स्थल के रूप में जाना जाता है। इस मंदिर के प्रांगण में कई चीजें हैं जिनकें बारे में बताया जाता है कि यह शिव पार्वती के विवाह प्रतीक हैं।

Mahashivratri 2020 lord shiv parvati marriage story place and temple in uttarakhand
Mahashivratri 2020

यह है ब्रह्मकुंड। शिव पार्वती के विवाह में ब्रह्मा जी पुरोहित बने थे। विवाह में शामिल होने पहले ब्रह्मा जी ने जिस कुंड में स्नान किया था वह ब्रह्मकुंड कहलता है। तीर्थयात्री इस कुंड में स्नान करके ब्रह्मा जी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Mahashivratri 2020 lord shiv parvati marriage story place and temple in uttarakhand
Mahashivratri 2020

शिव-पार्वती के विवाह में भगवान विष्णु ने देवी पार्वती के भाई की भूमिका निभाई थी। भगवान विष्णु ने उन सभी रीतियों को निभाया जो एक भाई अपनी बहन के विवाह में करता है। यह है विष्णु कुंड कहते हैं इसी कुंड में स्नान करके भगवान विष्णु ने विवाह संस्कार में भाग लिया था।

विज्ञापन
Mahashivratri 2020 lord shiv parvati marriage story place and temple in uttarakhand
Mahashivratri 2020

यह है रुद्र कुंड। भगवान शिव के विवाह में भाग लेने आए सभी देवी-देवताओं ने इसी कुंड में स्नान किया था। इन सभी कुंडों में जल का स्रोत सरस्वती कुंड को माना जाता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed