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मरने से पहले अधूरे रह गए रावण के ये 7 काम, पूरे हो जाते तो धरती पर ही होता स्वर्ग

Tue, 16 Oct 2018 03:02 PM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 16 Oct 2018 03:02 PM IST
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Dussehra 2018:  incomplete dreams of ravan

दशहरा का त्योहार लोग अधर्म पर धर्म की जीत के रूप में मनाते हैं। 19 अक्टूबर को विजयादशमी है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इसी दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था। देवताओं को भी पराजित करने वाला रावण महापंडित और महाज्ञानी था। लेकिन रावण की सबसे बड़ी कमजोरी यह थी कि वह अपने बल और ज्ञान के अहंकार में खुद को ही भगवान मान बैठा था और ईश्वर के बनाए नियमों में बदलाव करना चाहता था। अगर रावण कुछ साल और जीवित रहता तो अपने 7 अधूरे काम को पूरा कर लेता और फिर दुनिया कुछ और होती है। आइए जानते हैं रावण के वह सात अधूरे काम क्या हैं।

Dussehra 2018:  incomplete dreams of ravan
ravan
रावण का सबसे पहला सपना था स्वर्ग में सीढ़ी बनाना। रावण चाहता था कि हर व्यक्ति स्वर्ग जाए इसलिए वह धरती से लेकर स्वर्ग तक सीढ़ियां बनाने का काम शुरू कर चुका था। लेकिन जब तक यह सीढ़ी बनकर तैयार होती रावण भगवान राम के हाथों में मारा गया।
Dussehra 2018:  incomplete dreams of ravan
ravan - फोटो : ravan

रावण की दूसरा सपना था समुद्र के पानी को मीठा करना। रावण को पता था कि पृथ्वी पर पीने का पानी कम है। अगर समुद्र का पानी मीठा हो जाए तो पीने के पानी की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।

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Dussehra 2018:  incomplete dreams of ravan
रावण का तीसरा अधूरा काम सोने में सुगंध भरना था। इसकी वजह यह थी कि रावण सोने का शौकीन था इसलिए उसने अपनी पूरी नगरी सोने की बनाई थी। रावण चाहता था कि सोने में सुगंध आ जाए ताकि उसे कहीं भी सुगंध से जान लिया जाए इससे सोने की तलाश आसान हो जाएगी।
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Dussehra 2018:  incomplete dreams of ravan
रावण

रावण स्वयं काला था इसलिए वह रंगभेद को खत्म करना चाहता था। रावण चाहता था कि सभी लोग गोरे दिखें ताकि कोई किसी को उनके सांवले रंग को लेकर मजाक न करे।

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