फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जानें क्यों पिछले 18 वर्षों से देवी के इस मंदिर में चढ़ाई जा रही हैं चप्पल-सैंडल

Mon, 08 May 2017 06:53 PM IST
amarujala.com- written by: किरण सिंह
amarujala.com- written by: किरण सिंह Updated Mon, 08 May 2017 06:53 PM IST
विज्ञापन
devotees offer footwear to goddess

मंदिर के अंदर जाने से पहले अक्सर ‌हम अपने जूते चप्पल बाहर ही उतार देते हैं। मंदिर में जूते चप्पल पहनकर जाना निषेध होता है, लेकिन एक ऐसा मंदिर है जहां देवी को चप्पल सैंडल ही चढ़ाई जाती है। यही नहीं ये जूते चप्पल विदेशों से भी आते है। वैसे यहां पर जूते चप्पल चढ़ाने की परम्परा सदियों से नहीं है, बल्कि 18 साल पहले ही शुरू हुई है। जानें 18 साल पहले कैसे शुरू हुई ये परंपरा

devotees offer footwear to goddess

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोलार इलाके में एक पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर अपनी अनोनी परंपरा के कारण विश्वभर में प्रसिद्घ है। यहां भक्त अपनी मन्नत पूरी होने के बाद नए जूते, चप्पल व सैंडल चढ़ाते है। यही नहीं गर्मियों में तो लोग चश्मा, टोपी प घड़ी भी चढ़ाते है।

devotees offer footwear to goddess

मां दुर्गा के सिद्घदात्री पहाड़ावला मंदिर को लोग जीजी बाई मंदिर भी कहते है। दरअसल करीब 18 वर्ष पहले ओम प्रकाश महाराज ने मूर्ति की स्‍थापना की और शिव पार्वती का विवाह करवाया। इस विवाह में उन्होंने खुद कन्यादान किया। तब से वे मां सिद्घदात्री को अपनी बेटी मानकर पूजा करते है। आम लोगों की तरह बेटी के सभी शौक पूरे भी करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
devotees offer footwear to goddess

ओम प्रकाश महाराज के अनुसार मां दुर्गा की देखभाल एक बेटी की तरह होती है। कई बार ऐसा भी होता है कि अगर उन्हें आभास हो कि देवी पहने गए कपडों से खुश नहीं है तो दो से तीन घंटों में ही कपड़े बदलने भी पड़ते है।

विज्ञापन
devotees offer footwear to goddess

विदेश में बस चुके जीजी बाई के भक्त भी उन्हें वहां से चप्पल- सैंडल भेजते है। एक दिन चप्‍प्ल चढ़ाने के बाद उसे बांट दी जाती है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed