26 मई, बुधवार को वैशाख पूर्णिमा पर पहला चंद्रग्रहण सायंकाल, पश्चिमी बंगाल, अरुणाचल, नागालैंड, आसाम, त्रिपुरा, मेघालय में बहुत कम समय के लिए दिखाई देगा। भारत के शेष भागों में यह नहीं दिखेगा। भारत के अलावा यह ग्रहण, जापान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, सिंगापुर, बर्मा, आस्ट्रे्लिया ,दक्षिणी अमरीका,प्रशांत व हिन्दमहासागर में भी दिखेगा। चंद्रमा पर आंशिक ग्रहण दोपहर में करीब सवा तीन बजे शुरू होगा और शाम को 7 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। पूरब में 26 मई की शाम आसमान पर पूर्ण चंद्रग्रहण के ठीक बाद एक दुर्लभ विशाल व सुर्ख चंद्रमा, सुपर ब्लड मून नजर आएगा। ज्योतिष में मान्यता है कि किसी भी ग्रहण से 41 दिन पहले और 41 दिन बाद तक ग्रहण का प्रभाव प्राकृतिक आपदाओं जैसे चक्रवात, भूकंप, भूस्ख्लन में दिखता रहता है। जैसे ताउते नामक समुद्री तूफान ग्रहण से एक हफ्ते पहले आ गया। चंद्रग्रहण का चंद्र राशि अनुसार कैसा रहेगा आपका आने वाला 41 दिन तक का समय ?
Chandra Grahan 2021: 26 मई को चंद्रग्रहण, जानें सभी 12 राशियों पर इस ग्रहण का प्रभाव
मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिषाचार्य, चंडीगढ़
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 25 May 2021 05:59 AM IST
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