5 जून की रात चंद्र ग्रहण की घटना घटेगी। यह चंद्र ग्रहण भारत सहित अन्य देशों में भी दिखाई देगा। जून के पहले सप्ताह में लगने वाला ग्रहण उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। यह वर्ष 2020 का दूसरा चंद्र ग्रहण है। ग्रहण भारतीय समयानुसार, 5 जून की रात 11 बजकर 16 मिनट से शुरू होगा और 6 जून की रात 2 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। ग्रहण मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
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Chandra grahan 2020: 5 जून को लगेगा उपच्छाया चंद्र ग्रहण, जानें कितने प्रकार होते हैं चंद्र ग्रहण
Thu, 04 Jun 2020 07:21 AM IST
रुस्तम राणा
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुस्तम राणा
Updated Thu, 04 Jun 2020 07:21 AM IST
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चंद्र ग्रहण 2020
- फोटो : SOCIAL MEDIA
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चंद्र ग्रहण 2020
- फोटो : पेक्सेल्स
खगोल विज्ञान के अनुसार चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है। इस घटना में पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा तीनों एक रेखा में हों और सूर्य और चंद्रमा के बीच में पृथ्वी आ जाए तो चंद्रमा तक सूर्य का प्रकाश नहीं पहुंच पाता है। इसे ही चंद्र ग्रहण कहते हैं। चंद्र ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं। पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण, दूसरा आंशिक चंद्र ग्रहण और तीसरा उपच्छाया चंद्र ग्रहण।
चंद्र ग्रहण 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
चंद्र ग्रहण के तीन प्रकार
- पूर्ण चंद्र ग्रहण - जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी पूर्ण से रूप से चंद्रमा को अपनी छाया से ढक लेती है तो इस घटना को पूर्ण चंद्र ग्रहण के नाम से जाना जाता है। यह चंद्र ग्रहण बेहद प्रभावी होता है।
- आंशिक चंद्र ग्रहण - आंशिक चंद्र ग्रहण उस समय लगता है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच में पृथ्वी आ जाए और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पूर्ण रूप से न पड़कर केवल आंशिक रूप से पड़ती है।
- उपच्छाया चंद्र ग्रहण - चन्द्र ग्रहण जब भी आरंभ होता है तो ग्रहण से पहले चंद्रमा पृथ्वी की परछाई में प्रवेश करता है जिससे उसकी छवि कुछ मंद पड़ जाती है तथा चंद्रमा का प्रभाव मलीन पड़ जाता है। इसे उपच्छाया चंद्र ग्रहण कहते हैं।
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सूर्य ग्रहण 202द
- फोटो : SOCIAL MEDIA
21 जून को लगेगा सूर्य ग्रहण
5 जून के बाद चंद्र ग्रहण लगने के बाद 21 जून को खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा। भारत के अलावा यह सूर्य ग्रहण एशिया, अफ्रिका और यूरोप में दिखाई देगा। यह सूर्य ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र और मिथुन राशि में लगेगा। ग्रहण सुबह 10 बजकर 14 मिनट से 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। ग्रहण का सूतक काल 20 जून की रात 10 बजकर 14 मिनट से आरंभ हो जाएगा।
5 जून के बाद चंद्र ग्रहण लगने के बाद 21 जून को खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा। भारत के अलावा यह सूर्य ग्रहण एशिया, अफ्रिका और यूरोप में दिखाई देगा। यह सूर्य ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र और मिथुन राशि में लगेगा। ग्रहण सुबह 10 बजकर 14 मिनट से 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। ग्रहण का सूतक काल 20 जून की रात 10 बजकर 14 मिनट से आरंभ हो जाएगा।