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अमरकंटक के खूबसूरत नजारे के साथ देखिए दुर्वासा ऋषि की गुफा

Wed, 24 Dec 2014 07:08 PM IST
Updated Wed, 24 Dec 2014 07:08 PM IST
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अमरकंटक के खूबसूरत नजारे के साथ देखिए दुर्वासा ऋषि की गुफा

amarkantak tirth yatra narmada river

भगवान शिव की पुत्री नर्मदा का नदी के रुप में उद्गम अमरकंटक से होता है। अमरकंटक मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित हिंदुओं का पवित्र तीर्थ स्थल है। कहते हैं त्रिपुर नामक असुर का वध और उनके नगरों का अंत करने के बाद भगवान शिव ने उसकी राख से इस नगरी को बसाया। अपनी पुत्री नर्मदा के साथ यहां भगवान शिव का मंदिर है। श्रद्घालु इस मंदिर में आकर भगवान शिव और शक्ति स्वरूपा देवी नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। लेकिन इस मंदिर में दर्शन का फल पाने के लिए एक कठिन कार्य करना पड़ता है।



अमरकंटक के खूबसूरत नजारे के साथ देखिए दुर्वासा ऋषि की गुफा

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आप देख रहे हैं कि एक श्रद्घालु हाथी के नीचे से रेंगता हुआ मंदिर की ओर जा रहा है। कहते हैं भगवान शिव के मंदिर में आने का पुण्य तभी मिलता है जब भक्त इस हाथी के बीच से निकलते हैं।


अमरकंटक के खूबसूरत नजारे के साथ देखिए दुर्वासा ऋषि की गुफा

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ऋषियों में सबसे क्रोधी दुर्वासा ऋषि को माना जाता है। शाप इनके होंठों पर रहता था। इनकी तपस्थली अमरकंटक में नर्मदा नदी के उद्गम स्थल पर माना है। यहां एक गुफा है जिसे दुर्वासा गुफा कहा जाता है। इस गुफा में दुर्वासा ऋषि की मूर्ति बनी हुई है। गुफा में दुर्वासा के अराध्य देव महादेव का शिवलिंग भी है। इस शिवलिंग पर प्राकृतिक रुप से बूंद-बूंद जल टपकता रहता है। कहते हैं कि देवी नर्मदा इस शिवलिंग का अभिषेक करती है।

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अमरकंटक के खूबसूरत नजारे के साथ देखिए दुर्वासा ऋषि की गुफा

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दुर्वासा ऋषि की गुफा के पास नर्मदा नदी का पानी एक झरने के रुप में गिरता है। नर्मदा की जल धारा इतनी उज्जवल है मानो दूध की धारा बह रही हो,यही कारण है कि इस जलधारा को दूध धारा के नाम से जाना जाता है। इस स्थान पर आकर मन को अपार शांति मिलती है। आप चाहें तो मानसिक शांति और तीर्थयात्रा का पुण्य कमाने के लिए इस तीर्थ की यात्रा कर सकते हैं।

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अमरकंटक के खूबसूरत नजारे के साथ देखिए दुर्वासा ऋषि की गुफा

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अमरकंटक दुर्वासा सहित कई ऋषियों की तपस्थली रही है। यह दृश्य कपिल धारा का है। कहते हैं कपिल मुनि ने इसी स्थान पर तपस्या की थी। भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि मैं ऋषियों में कपिल मुनि हूं। नर्मदा नदी के उद्गम स्थल से 8 किलोमीटर दूर एक जल प्रपात है। यह जल प्रपात कपिल धारा के नाम से जाना जाता है। 15 मीटर की ऊंचाई से गिरता पानी सूर्य की रोशनी में अद्भुत छटा बिखेरता है और देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देता है।


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