प्राचीन ग्रंथों में जीवों से जुड़े कई शुभ-अशुभ संकेतों का उल्लेख मिलता है। इन संकेतों को पहचानकर आने वाली मुसीबतों से बचा जा सकता है। हालांकि हर बार ये संकेत अशुभ नहीं होते, ये शुभ भी होते हैं। ज्योतिष व शकुन शास्त्र में जीवों से जुड़े ऐसे कई संकेतों का उल्लेख मिलता है, जो मनुष्य को आने वाली विपदा से सावधान करते हैं। हालांकि कुछ लोग इन पर विश्वास नहीं करते, लेकिन ये संकेत काफी हद तक सही होते हैं।
हिंदू धर्म में मान्यता है कि यदि बिल्ली रास्ता काट जाए, तो रुक जाना चाहिए। इससे बनता कार्य बिगड़ जाता है। यह इशारा भी होता है कि यदि आप कहीं बाहर जा रहे हैं, तो न जाएं अन्यथा दुर्घटना हो सकती है।
अगर आपको घर या उसके बाहर बिल्ली बार-बार रोती दिखाई देती है, तो यह घर-परिवार पर आने वाले किसी बड़े संकट का संकेत है। आप किसी जरूरी कार्य से बाहर जा रहे हैं और रास्ते में लड़ती हुई बिल्लियां दिखाई दें, तो समझ जाइए कि काम नहीं बन पाएगा। माना जाता है कि यदि यात्रा पर जा रहे हैं और बिल्ली मुंह में मांस का टुकड़ा लिए दिखाई दे, तो कार्य सफल हो जाएगा।
हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। मान्यता है कि गाय के भीतर तैंतीस करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। गाय की पूजा करने व उसे चारा या रोटी खिलाना लाभकारी होता है। गाय भी हमें शुभ संकेत देती है। मान्यता है कि अगर आपके घर के दरवाजे पर गाय आकर जोर-जोर से रंभाती है, तो यह संकेत है कि कोई सुखद समाचार मिलने वाला है। यह धन लाभ व सुख में वृद्धि का भी सूचक होता है। यदि रास्ते में गाय मूत्र विसर्जन करती दिखाई दे, तो यह संकेत है कि आने वाली विपत्ति टल गई है।
कुत्ते से भी शुभ-अशुभ प्रभाव जुड़े हैं। यदि आपके पास कोई कुत्ता आकर लेटने लगे, तो यह संकेत है कि कुछ अच्छा होने वाला है। यदि घर के बाहर कुत्ता भवन की ओर मुख करके सोए, तो घर पर कोई विपत्ति आने वाली है।