काले घने बाल किसी भी महिला की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। महिलाएं अपने बालों का ख्याल भी खूब रखती हैं। बालों में जरा सी परेशानी हुई नहीं कि वह परेशान हो जाती हैं और कई तरह के उपाय भी करती हैं। महिलाओं के बाल सिर्फ सुंदरता की ही निशानी नहीं होते, इनसे कई तरह की मान्यताएं भी जुड़ी हैं।
मान्यता है कि मासिक धर्म के पहले दिन बाल नहीं धोने चाहिए, ऐसा करना अशुभ होता है। इससे महिलाओं की तकलीफ बढ़ जाती है और नकारात्मक ऊर्जा हावी होती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन दिनों बाल धोने से महिला को ठंड लग सकती है, जिससे गर्भधारण करने में परेशानी हो सकती है।
अगर आप बाल बना रही हैं और कंघी गिर जाए, तो यह किसी अशुभ सूचना या किसी संकट के आने का संकेत होता है। बालों का लगातार टूटकर गिरना भी शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि बाल अगर लगातार टूट रहे हैं और घर में फैले रहते हैं, तो यह परिवार में कलह पैदा करते हैं।
अक्सर देखा जाता है कि महिलाओं या युवतियों को टूटे हुए बाल खुले में न फेंकने के लिए कहा जाता है। ऐसा इसलिए कि माना जाता है कि खुले स्थान पर फेकें गए बालों पर नकारात्मक ऊर्जा जल्दी हावी होती है। इन बालों का इस्तेमाल टोने-टोटके के लिए भी किया जा सकता है। बालों को खुले में फेंकने से महिला पर बुरी नजर का असर तेजी से होता है, जिससे डर लगना, मन घबराना, बीमार होना, मानसिक अशांति जैसी समस्या भी हो सकती हैं।
दिन के मुकाबले रात में नकारात्मक ऊर्जा ज्यादा हावी रहती है, इसलिए रात में बाल नहीं बनाने चाहिए। खासकर घर की खिड़की या आंगन में तो बिल्कुल नहीं। रात में बाल बनाने भी हों, तो कमरे के अंदर ही बनाएं। इसी प्रकार एक और मान्यता है कि पूजा के समय महिलाओं को अपनी बाल कभी भी खुले नहीं रखने चाहिए। कंघी नहीं की है, तो उन्हें यूं ही बांधकर सिर पर पल्ला रख लें। मान्यता है कि यदि महिला बाल खोलकर पूजा-पाठ करती है, तो घर के सदस्यों के लिए दुर्भाग्य आता है। पूजन के समय बालों को खुला रखने से देवता नाराज होते हैं और पूजन का लाभ नहीं मिल पाता।