शनि को न्याय का देवता कहते हैं। प्रत्यक्ष देवता सूर्य के पुत्र शनिदेव को कर्म का देवता कहा गया है, जो आपके द्धारा किए गए अच्छे और बुरे कर्मों का फल देते हैं। भगवान शनिदेव की जयंती इस साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर 3 जून को रोहणी नक्षत्र, सुक्रमा योग में मनाई जाएगी। शनि से जुड़े दोषों को दूर करने और उनकी कृपा पाने के लिए यह दिन काफी शुभ होता है। इस दिन विधि-विधाान से पूजा करने पर शनिदेव अपने भक्तों की सभी परेशानियों को दूर कर देते हैं।
Shani Jayanti 2019 : जानें शनि की दृष्टि क्यों मानी जाती है अशुभ और क्या है उससे बचने का महाउपाय
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शास्त्रों में कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति के ऊपर शनि की दृष्टि पड़ जाए तो उसके बने हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं। उसे दु:ख और दुर्भाग्य प्राप्त होता है। उसे धन, संपत्ति आदि की हानि होती है। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों शनि की दृष्टि का पड़ता है दुष्प्रभाव और क्या है इसके पीछे की कथा —
सूर्य पुत्र शनिदेव का विवाह चित्ररथ की कन्या से हुआ था। वह गंधर्व की पुत्री थी। वह स्वभाव से बहुत ही ज्यादा उग्र थी। एक बार जब शनिदेव भगवान कृष्ण की साधना कर रहे थे, तभी उनकी पत्नी संतान प्राप्ति की चाह से उनके साथ प्रणय संबंध बनाने पहुंची। भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन शनि ने जब उनकी तरफ नहीं देखा तो उन्होंने शनिदेव को श्राप दे दिया कि उनकी दृष्टि जिस पर पड़ेगी उसका नाश हो जाएगा। इसके बाद से ही शनि की दृष्टि में यह दोष हो गया।
शनि के दोष से बचने के लिए उपाय जानने के लिए आगे की स्लाइड क्लिक करें —
शनि से जुड़े दोष को दूर करने के लिए शनि जयंती और प्रत्येक शनिवार को यह उपाय जरूर करें —
1.
शनि का संबंध आपके पैरों से होता है। ऐसे में जूते-चप्पल से जुड़े उपाय आपको शनि से जुड़े दोषों से मुक्त कराते हैं। यदि आपकी कुंडली में शनि को लेकर कोई दोष है या फिर शनि की ढैय्या अथवा साढ़ेसाती चल रही है तो आप शनि जयंती, शनि अमावस्या या फिर शनिवार के दिन बगैर किसी को बताए अपना काले रंग का चमड़े का जूता या चप्पल मंदिर के प्रवेश द्वार पर उतार कर चले आएं। ध्यान रहे कि ऐसा करते समय वापस पीछे पलट कर न देखें। शनि देवता से जुड़ा यह प्रयोग शनि के कारण हो रही समस्याओं को दूर करके निश्चित रूप से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
2.
यदि आपकी कुंडली में शनि दोष है या फिर शनि ढैय्या या साढ़ेसाती चल रही है तो आप तमाम तरह की चीजों का दान करके लाभ पा सकते हैं। सूर्य पुत्र शनि ग्रह की कृपा पाने के लिए काले रंग की गाय, काले रंग का कपड़ा, छाता, लोहा, छाता, जूता, कंबल आदि का दान करना श्रेयस्कर होता है।
3.
शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनि अमावस्या के दिन नवग्रह वाले मंदिर में जाकर शनिदेव की साधना-आराधना करें। उन्हें श्रद्धाभाव से तेल, काला तिल और नीले रंग का फूल चढ़ाएं। साथ ही दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करें।