इस साल होली 29 मार्च को है। लेकिन ब्रज में होली का खुमार अभी से छाने लगा है। बरसाने की लट्ठमार होली देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। ब्रज भूमि में होली धूमधाम के साथ खेली जाती है। यहां दुनियाभर से लोग होली देखने आते हैं। होली से एक सप्ताह पहले ब्रज में विशेष प्रकार की होली खेलना शुरू हो जाती है। आइए जानते हैं कौनसी होली किस दिन मनाई जाएगी।
Holi 2021: ब्रज की लड्डू होली से लेकर लट्ठमार होली तक, किस दिन होगी कौनसी होली
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किस दिन खेली जाएगी कौनसी होली
लड्डू की होली - बरसाने की लड्डू की होली 22 मार्च को खेली जाएगी। इस दिन राधा रानी के गांव बरसाना में फाग आमंत्रण का उत्सव होगा और फिर लड्डू से होली खेली जाती है।
रंगीली गली में लट्ठमार होली - रंगीली गली में लट्ठमार 23 मार्च को बरसाना में ही नंदगांव के हुरयारों संग लट्ठमार होली खेली जाएगी।
नंद गांव में लट्ठमार होली - बरसाना के बाद अगले दिन यानी 24 मार्च को नंदगांव में लट्ठमार होली का आयोजन किया जाएगा।
फूलों की होली और रंगभरनी होली- मथुरा के श्री द्वारकाधीश मंदिर में फूलों की होली खेली जाएगी तो वहीं वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में 25 मार्च को रंगभरनी होली खेली जाएगी।
छड़ीमार होली- 26 मार्च को गोकुल में छड़ीमार होली का आयोजन होगा।
गुलाल की होली- 27 मार्च को वृंदावन में अबीर और गुलाल से होली खेली जाएगी। यहां वृंदावन में रहने वाली विधवाएं रंगों वाली होली खेलेंगी।
बरसाने की लट्ठमार होली न सिर्फ देश में मशहूर है बल्कि पूरी दुनिया में भी काफी प्रसिद्ध है। फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को बरसाने में लट्ठमार होली मनाई जाती है। नवमी के दिन यहां का नजारा देखने लायक होता है। यहां लोग रंगों, फूलों के अलावा डंडों से होली खेलने की परंपरा निभाते है।
बरसाना में राधा जी का जन्म हुआ था। फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को नंदगांव के लोग होली खेलने के लिए बरसाना गांव जाते हैं। जहां पर लड़कियों और महिलाओं के संग लट्ठमार होली खेली जाती है। इसके बाद फाल्गुन शुक्ल की दशमी तिथि पर रंगों की होली खेली होती है।
लट्ठमार होली खेलने की परंपरा भगवान कृष्ण के समय से चली आ रही है। ऐसी मान्यता है कि भगवान कृष्ण अपने दोस्तों संग नंदगांव से बरसाना जाते हैं। बरसाना पहुंचकर वे राधा और उनकी सखियों संग होली खेलते हैं। इस दौरान कृष्णजी राधा संग ठिठोली करते है जिसके बाद वहां की सारी गोपियां उन पर डंडे बरसाती है।