गणेश चतुर्थी का त्योहार गणेश जन्मोत्सव के रुप में मनाया जाता है। इस दिन बप्पा को ढोल नगाड़ों के साथ बड़ी धूमधाम से घर में लाया जाता है। पूरे गणेश उत्सव के दिनों में हर तरफ बप्पा के नाम का उद्घोष सुनाई पड़ता है। गणपति जी को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न चीजों से उनको भोग लगाया जाता है, पूजा अर्चना की जाती है। गणेश उत्सव के इस मौके पर जानिए उनसे जुड़ी कुछ खास बातें....
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गणेश चतुर्थी 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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एकमात्र गणेश जी ही ऐसे देवता है, जिनकी पूजा में दूर्वा का प्रयोग किया जाता है। कहा जाता है कि एक राक्षस था जिसका नाम अगलासुर था। वह ऋषि मुनियों को जीवित ही निगल जाता था। गणेश जी ने उस राक्षस का अंत करने के लिए उसे निगल लिया था। तब उनके पेट की जलन के शांत करने के लिए कश्यप ऋषि में दूर्वा दी थी। जिसके कारण गणेश जी को दूर्वा चढ़ाई जाती है।
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गणेश चतुर्थी 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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गणेश जी का वाहन चूहा है, लेकिन क्या आपको पता है कि वह एक राक्षस था जिसको गणेश जी ने चूहा बना दिया था। तब उसके प्रार्थना करने पर गणेश जी ने उसे अपना वाहन बना लिया, तब से गणेश जी को मूषकराज कहा जाता है।
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गणेश उत्सव 2020
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लिखने में गणेश जी को विशेष दक्षता हासिल है, इसलिए जब महाभारत लिखने के लिए ऋषि वेदव्यास जी को किसी ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता पड़ी जो बिना रुके पूरी महाभारत की गाथा एकबार में लिख सके, तब गणेश जी ने महाभारत लिखी।
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गणेश चतुर्थी 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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गणेश जी को लाल और सिंदूरी रंग प्रिय है, जिसके कारण उन्हें लाल रंग के फूल अर्पित करने से वे प्रसन्न हो जाते हैं। गणेश जी को पूर्व दिशा पसंद है।
गणेश जी के दर्शन सदैव सामने की ओर से करने चाहिए, कहा जाता है कि इनके पीछे की तरफ दरिद्रता निवास करती है, इसलिए पीठ की तरफ से गणेश जी के दर्शन नहीं करने चाहिए।