शिमला जिले के दुर्गम इलाके 15-20 के गांव शंकोर के मनमोहन सिंह एचएएस परीक्षा के टॉपर बने हैं। मनमोहन सिंह वर्तमान में जिला रोजगार अधिकारी रिकांगपिओ हैं। धर्मशाला के मनीष कुमार सोनी दूसरे और बिलासपुर की पूनम तीसरे स्थान पर रहीं। शनिवार को राज्य लोक सेवा आयोग ने हिमाचल प्रदेश संयुक्त प्रशासनिक सेवा परीक्षा (एचएएस) 2015 का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया। इस परीक्षा के माध्यम से 26 युवा अधिकारियों का चयन किया है।
कड़ी मेहनत करें युवा सफलता मिलेगी- एचएएस परीक्षा में दूसरे स्थान पर रहने वाले मनीष कुमार सोनी ने कहा कि उनके तीसरे प्रयास में इस परीक्षा को उत्तीर्ण किया है। 28 साल के मनीष कुमार सोनी धर्मशाला के श्यामनगर के निवासी है। उनकी स्कूलिंग धर्मशाला में ही हुई। इसके बाद उन्होंने एनआईटी हमीरपुर से बीटैक इलेक्ट्रानिक्स किया। वर्तमान में भी भी एमटैक कर रहे थे। एचएएस की परीक्षा में उनके पास विषय इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और फोरेस्टरी थे। अपनी इस सफलता का श्रेय मनीष कुमार ने अपनी माता ओमकुमारी के आशीर्वाद और सहयोग को दिया, जो हिमफेड से वरिष्ठ सहायक के पद से सेवानिवृत्त हैं। मनीष के पिता का देहांत 2003 में हो गया था। मनीष कुमार सोनी ने युवाओं को संदेश दिया कि वे कड़ी मेहनत करें। सफलता जरूर मिलेगी।
मंडी की बेटी और बिलासपुर की बहू बनी एचएएस- जीवन में कुछ भी असंभव नहीं। मुझ पर एक मां, बहू और पत्नी की जिम्मेदारी होने के बावजूद आज मैंने अपना मुकाम हासिल कर लिया है। ये कहना है हिमाचल के मंडी जिले की टीहरा निवासी पूनम का। पूनम ने एचएएस-2015 की परीक्षा में तीसरा रैंक हासिल किया है।
पूनम की स्कूलिंग टीहरा से हुई है। 2010 में आईजीएमसी शिमला से बीडीएस की डिग्री हासिल की। इसके बाद पूनम ने डेंटल डॉक्टर की नौकरी के लिए काफी कोशिश की लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। पूनम के पति बीएसएनएल में एसडीओ के पद पर शिमला में कार्यरत हैं। पूनम ने बताया कि पति ने उन्हें सिविल सेवाओं की तरफ जाने के लिए प्रेरित किया।
बीते वर्ष पूनम इंटरव्यू राउंड में बाहर हो गई थीं और इस बार मंजिल पा ली। पूनम ने बताया कि वह रोज 8 से 9 घंटे पढ़ाई करतीं थीं। इसके लिए उन्होंने सिर्फ सेल्फ स्टडी की। युवाओं को संदेश हुए पूनम ने कहा कि कभी हार मत मानो। मेहनत कभी जाया नहीं जाती। पूनम का पांच साल का बेटा है। पूनम का ससुराल बिलासपुर के लखनपुर में है।