जब भी देश पर खतरा मंडराया है पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है। पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दुश्मनों के छक्के छुड़ाए हैं। आज हम आपको उन महिलाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने सेना में शामिल होकर सरहदों की हिफाजत के साथ सेना और देश दोनों का मान बढ़ाया है।
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महिलाएं जिन्होंने भारतीय सेना ज्वाइन कर देश का मान-सम्मान बढ़ाया, जानिए उनकी सफलता की कहानी
Sun, 08 Mar 2020 03:30 AM IST
योगेश जोशी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश जोशी
Updated Sun, 08 Mar 2020 03:30 AM IST
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किरण शेखावत
- राजस्थान की बेटी व हरियाणा की बहू लेफ्टिनेंट किरण शेखावत देश में ऑन ड्यूटी शहीद होने वाली पहली महिला अधिकारी थीं। 24 मार्च 2015 की रात को गोवा में डॉर्नियर निगरानी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें लेफ्टिनेंट किरण शेखावत शहीद हो गई थीं। 1 मई 1988 को गांव सेफरागुवार विजेन्द्र सिंह शेखावत के घर किरण का जन्म हुआ। लेफ्टिनेंट किरण शेखावत अपनी शहादत से पांच साल पहले भारतीय नौसेना में भर्ती हुई थीं।
नौसेना की पहली महिला लेफ्टिनेंट जनरल
- पुनीता अरोड़ा भारतीय नौसेना की पहली महिला लेफ्टिनेंट जनरल थीं। पुनीता का जन्म 13 अक्तूबर 1932 को पाकिस्तान के लाहौर प्रांत में हुआ था। 2004 में पुनीता अरोड़ा, भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद तक पहुंचने वाली प्रथम भारतीय महिला बनीं। पुनीता ने अपनी ड्यूटी का काफी वक्त पंजाब में गुजारा। 2002 में विशिष्ट सेवा पदक मिला। उन्हें 36 साल की सेवा में कुल 15 पदक मिले।
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भारतीय वायुसेना की पहली महिला एयर मार्शल
- पद्मावती बंधोपाध्याय को भारतीय वायुसेना की पहली महिला एयर मार्शल होने का गौरव प्राप्त है। वे चिकित्सा सेवा की महानिदेशक रहीं। पद्मावती ने सन् 1968 में भारतीय वायुसेना ज्वाइन की थी। 34 साल बाद अपनी नि:स्वार्थ सेवा भाव और देशप्रेम के चलते सन् 2002 में एयर वाइस मार्शल के पद पर पहुंचने वाली भारतीय वायु सेना की पहली महिला अधिकारी बनीं।
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सेना की स्वॉर्ड ऑफ ऑनर हासिल करने वाली देश की पहली महिला कैडेट
- दिव्या अजित कुमार 21 साल की उम्र में सेना की स्वॉर्ड ऑफ ऑनर हासिल करने वाली देश की पहली महिला कैडेट बन गईं थी। दिव्या ने पढ़ाई में भी तीन स्वर्ण पदक जीते हैं। कप्तान दिव्या अजित कुमार को सितंबर 2010 में सेना के वायु रक्षा कोर में नियुक्त किया गया था। पहली बार अखिल भारतीय महिला कप्तान दिव्या अजित कुमार ने गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2016) की परेड का नेतृत्व किया। उन्होंने 154 महिला अधिकारियों और कैडेट के एक दल का नेतृत्व किया था, उस वक्त गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा थे।

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