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गर्भाशय के कैंसर से पीड़ित महिलाओं को नहीं करनी चाहिए सेहत के साथ लापरवाही,जानें इस बीमारी के लक्षण

Fri, 14 Feb 2020 10:51 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अपराजिता शुक्ला Updated Fri, 14 Feb 2020 10:51 AM IST
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women awareness for uterus cancer
- फोटो : pixa

महिलाएं अपने स्वास्थ्य को लेकर बहुत ही कम सजग रहती हैं। जिसकी वजह से बहुत बार वो कैंसर जैसी भयंकर बीमारी से ग्रस्त हो जाती हैं और मौत के मुंह में चली जाती हैं। गर्भाशय का कैंसर ऐसी ही भयानक बीमारी में से एक है। जिसके बारे में कम जागरुकता होने की वजह लाखों महिलाएं बांझपन के दर्द को झेलती हैं। चलिए जानें महिलाओं में होने वाले गर्भाशय के कैंसर के क्या लक्षण हैं और कैसे इससे छुटकारा मिल सकता है।

women awareness for uterus cancer

गर्भाशय का कैंसर होने के कारण

एक शोध में पता चला है कि बहुत सी महिलाएं सर्वाइकल कैंसर का इलाज कराने में लापरवाही करती हैं जो कि जानलेवा बन सकता है। गर्भाशय का कैंसर होने का कारण कोशिकाओं की अनियमित वृद्धि है। गर्भपात होने से बचाने वाली दवाएं भी सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं।

women awareness for uterus cancer
- फोटो : social media
गर्भाशय का कैंसर होने के लक्षण

किसी महिला को गर्भाशय का कैंसर होने पर योनि से असामान्य रक्तस्त्राव होने लगता है। इसके अलावा माहवारी के समय टैंपून लगाते समय भी रक्त का असामान्य स्त्राव होता है और साथ ही अगर योनि में दर्द, कमर में और पैरों में दर्द महसूस होना, थकान, वजन में कमी, भूख न लगना भी शामिल है, तो यह इस बीमारी के खतरनाक लक्षणों में से एक है।

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women awareness for uterus cancer

गर्भाशय के कैंसर का इलाज

हर कैंसर की तरह इसका भी शुरुआती चरण में पता चल जाए तो इलाज संभव है। इसलिए महिलाओं को योनि में होने वाली किसी तरह की परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर कोई भी ऊपर बताए गए लक्षण दिखे तो तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है। कैंसर का इलाज शुरु कराने के बाद हर तीन साल बाद पैप स्मीयर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। साथ ही एचपीवी वायरस से बचाव के लिए टीके भी नियम से लगवाने चाहिए। 
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