समाज में बहुत सारी महिलाएं हैं जो अपने ऊपर हुए जुल्म को नियति मान कर बैठ जाती हैं लेकिन सिंधु ताई उनके लिए एक उदाहरण हैं। जो अपने ऊपर हुए सितम को सहती हैं लेकिन फिर भी दूसरों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाती हैं। सिंधु ताई ने अपनी जिंदगी अनाथ बच्चों की सेवा में गुजारी और बन गईं महाराष्ट्र की मदर टेरेसा। कौन बनेगा करोड़पति के शो में सिंधु ताई अमिताभ बच्चन के सामने अपने जीवन के बारे में बताकर घर-घर में मशहूर हो गईं और लोगों को उनके जीवन के संघर्ष के बारे में पता चला। तो जानिए सिंधु ताई के संघर्षमय जीवन की दास्तान।
कौन बनेगा करोड़पति से चर्चा में आईं सिंधु ताई, महाराष्ट्र की मदर टेरेसा के नाम से हैं मशहूर
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सिंधु ताई महाराष्ट्र के वर्धा जिले के चरवाहे परिवार से ताल्लुक रखती हैं। जहां पर उनका बचपन बीता। बचपन से ही सिंधु को बहुत सारे कष्ट का सामना करना पड़ा। मात्र 9 साल की उम्र में उनकी शादी एक बड़े उम्र के व्यक्ति से कर दिया गया। केवल चौथी क्लास तक पढ़ीं सिंधु ताई आगे भी पढ़ना चाहती थीं लेकिन ससुराल वालों के विरोध के चलते उनकी ख्वाहिश पूरी न हो सकी। सिंधु ताई शुरूआत से ही अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती थीं। हालांकि उनके इस काम का अंजाम यह हुआ कि उन्हें गर्भवस्था में ही ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया। पति के घर से निकालने के बाद उन्हें मायके वालों ने भी अपने यहां रखने से इंकार कर दिया।
सिंधु ताई बताती हैं कि जब उन्होंने अपनी बेटी को जन्म दिया तो मेरे पास कोई नहीं था। तब अपने गर्भनाल को मैंने पत्थर से मार-मारकर काटा। इतने कष्टों को झेलने के बाद सिंधु ताई ने निश्चय कर लिया कि आगे भी उन्हें ऐसी ही मजबूती दिखानी है।
खुद की बच्ची को मंदिर में छोड़ने के बाद रेलवे स्टेशन पर पड़े एक बच्चे को गोद लेने के साथ ही उनके मन में उन हजारों अनाथ बच्चों के बारे में ख्याल आया कि उनका क्या होगा। स्टेशन पर भीख मांगते हुए सिंधु उन बच्चों के लिए खाने का इंताजाम करती थीं। इस तरह से वो हजारों बच्चों के पेट भरने का साधन बन चुकीं थीं।

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