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कम उम्र की लड़कियां भूलकर भी न कराएं ये टेस्ट, बुरा हो सकता है परिणाम

Wed, 15 Jan 2020 05:54 PM IST
प्राची प्रियम लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: प्राची प्रियम Updated Wed, 15 Jan 2020 05:54 PM IST
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risk of cervical cancer test and screening in girls
कम उम्र की लड़कियां न कराएं ये टेस्ट - फोटो : अमर उजाला

शरीर में सामान्य बीमारियों से अगल लक्षण नजर आने पर आपने भी मेडिकल टेस्ट कराया होगा। अकसर परिवार वालों या डॉक्टरों की सलाह पर महिलाएं बिना देर किए मेडिकल टेस्ट करवा लेती हैं, ताकि बीमारी का सटीक पता चल सके। लेकिन क्या आप जानती हैं कि यह मेडिकल टेस्ट अगल-अलग उम्र की महिलाओं पर अलग-अलग असर करते हैं। ऐसे बहुत से मेडिकल टेस्ट हैं जिन्हें 15-20 साल की लड़कियां बेझिझक करवाती हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इनमें से बहुत से टेस्ट ऐसे होते हैं जिन्हें एक खास उम्र वर्ग की महिलाओं को भूलकर भी नहीं करवाना चाहिए। 


 

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पैप टेस्ट - फोटो : सोशल मीडिया

उदाहरण के लिए, 21 साल से कम उम्र की महिलाओं को पेल्विक जांच या फिर सर्वाइकल कैंसर की जांच की कोई जरूरत नहीं होती है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लड़कियां इसकी जांच करवाती हैं। इतना ही नहीं, कई बार तो उम्र की जानकारी न होने को कारण डॉक्टर भी उन्हें यह जांच करवाने से मना नहीं करते। एक शोध के मुताबिक कई बार आम लोगों के साथ-साथ डॉक्टर भी लड़कियों की सही उम्र नहीं पहचान पाते, या फिर जानते हुए भी ऐसे टेस्ट करते हैं जिनकी जरूरत नहीं होती। 

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सर्वाइकल कैंसर - फोटो : सोशल मीडिया

ऐसे में टेस्ट के परिणाम पर भी गलत असर पड़ता है। उम्र के हिसाब से गलत टेस्ट होने के कारण उसके परिणामों में भी गलतियां होने की संभावना होती हैं। इसके अलावा टेस्ट करानी वाली युवतियों में भी तनाव ज्यादा देखे जाते हैं। साथ ही टेस्ट में बेवजह पैसे खर्च होते हैं, वो अलग। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि आजकल युवतियों या कम उम्र की लड़कियों पर अनुचित स्त्रीरोगों की जांच पर ध्यान देना आवश्यक हो गया है। मीडिया रिपोर्टों को फॉलो किया जाए तो यह एक गंभीर समस्या मालूम पड़ेगी।

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सर्वाइकल कैंसर - फोटो : social media

विशेषज्ञ कहते हैं कि युवतियों या कम उम्र की लड़कियों के अभिभावकों को यह जानने की जरूरत है कि 21 साल की उम्र में लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर की जांच की जरूरत नहीं होती। लड़कियां की बार पेल्विक जांच भी करवाती हैं, जबकि इसकी जरूरत तब होती है जब किसी लड़की ने जरूरत से ज्यादा गर्भनिरोधक गोलियां ली हों। हर उम्र की लड़कियों को टेस्ट कराने से पहले डॉक्टरों से यह जरूर पूछना चाहिए कि इसके पीछे क्या कारण है। इसके साथ ही उन्हें डॉक्टरों को अपनी सही उम्र खास तौर से बतानी चाहिए, ताकि चिकित्सक सही उपचार कर पाएं। अगर आपको डॉक्टर ने किसी तरह के टेस्ट की सलाह दी है, तो उसे एक बार क्रॉस चेक जरूर करवा लेना चाहिए।
 

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सर्वाइकल कैंसर - फोटो : सोशल मीडिया

उम्र के हिसाब से गलत टेस्ट करवाने से स्त्री के स्वास्थ्य और जीवन पर भी गलत प्रभाव पड़ता है। लंबी उम्र पाने के लिए जरूरी है कि संतुलित खानपान, एक्सरसाइज और तनावमुक्त जीवन के साथ ही फैसले भी लिए जाएं। इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि जो भी टेस्ट कराने हो उन्हें विश्वसनीय और रजिस्टर्ड जगह से ही कराएं। अप्रशिक्षित हाथों से किए गए टेस्ट का शरीर पर बुरा असर हो सकता है।

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