महारानी गायत्री देवी का नाम आते ही एक मजबूत इरादों वाली शख्सियत का चेहरा सामने आता है। जिसने अपनी पूरी जिंदगी शाही ठाठ के साथ जी। उनके रॉयल शौक के किस्से बहुत ही आम हैं। अपनी शर्तों पर जीने वाली गायत्री देवी महिलाओं के हक की आवाज बुलंद करने और उनके मजबूती की पक्षधर थीं। उनके जीवन की बहुत सी ऐसी बातें होंगी जो बहुत ही कम लोग जानते होंगे। तो चलिए जानें महारानी गायत्री देवी के जीवन से जुड़ी दस बातें।
गायत्री देवी: राजशाही ठाठ के साथ ही अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने वाली महारानी
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महारानी गायत्री देवी का जन्म 23 मई को लंदन में हुआ था। उनके पिता कूच बिहार के राजा थे और माता इंद्रा राजे बरोड़ा की मराठा राजकुमारी थीं। महारानी गायत्री देवी की पढ़ाई लंदन के स्कूल में पूरी हुई। महारानी ने परिवार वालों के समझाने के बाद भी प्रेम विवाह किया था।
गायत्री देवी की मुलाकात अपने होने वाले पति सवाई मान सिंह से 19 साल की उम्र में हुई थी। गायत्री देवी और उनके पति के बीच उम्र का काफी फासला था लेकिन फिर भी उन्होंने एक खुशनुमा शादीशुदा जिंदगी गुजारी थी। गायत्री देवी अपने पति की तीसरी पत्नी थी। जिसको लेकर उनके घरवालों ने उन्हें समझाया था कि एक महाराजा की तीसरी पत्नी बनना आसान नही हैं लेकिन इन सबके बावजूद उन्होंने अपनी सूझबूझ से राजा के दिल में जगह बनाए रखी।
गायत्री देवी को राजशाही अंदाज में रहने का खासा शौक था। बचपन में उनके महल में 500 नौकर काम करते थे। मशहूर पत्रिका वॉग ने उन्हें दुनिया की सबसे खूबसूरत 10 महिलाओं की लिस्ट में शामि किया था।
महारानी गायत्री देवी को शिकार और महंगी कारों को रखने का शौक था। पहली बार उन्होंने 12 साल की उम्र में चीते का शिकार किया था। वहीं उनकी कारों के काफिले में मर्सिडीज बेंज से लेकर रॉल्स रॉयस तक शामिल थीं। यहां तक कि उनके पास एक एयर क्राफ्ट भी था। महारानी अपनी प्रजा के बीच काफी लोकप्रिय थीं। उन्होंने लड़कियों की शिक्षा के लिए कई सारे स्कूलों को भी बनवाया था।

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