First Woman Rail Minister Of India: भारत आजादी के 76 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में जश्न मना रहा है। 15 अगस्त 1947 में देश ब्रिटिश हुकुमत की गुलामी की जंजीरें तोड़कर आजाद हो गया था। आजादी के बाद भारत में कई बड़े बदलाव हुए। देश एक लोकतांत्रिक राष्ट्र बना, जिसका खुद का अपना संविधान है। भारतीयों को वो सभी अधिकार मिले तो एक देश के सम्मानित नागरिक को मिलने चाहिए।
Independence Day 2023: ये हैं आजाद भारत की पहली महिला रेल मंत्री, जानिए राजनीति में इनकी भूमिका
कौन हैं भारत की पहली महिला रेल मंत्री
आजादी के 52 साल बाद भारतीय रेल सेवा का प्रभार एक महिला के हाथों में आया। यह महिला वर्तमान में भारतीय राजनीति का दमदार नाम है। इन का नाम ममता बनर्जी है। ममता बनर्जी मौजूदा समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति का बड़ा नाम बन चुकी हैं। राजनीति में ममता बनर्जी की कई बड़ी उपलब्धि हैं। ममता बनर्जी राजनीति में दीदी के नाम से प्रसिद्ध हैं।
ममता बनर्जी का जीवन परिचय
ममता बनर्जी का जन्म 5 जनवरी 1955 को कोलकाता में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता स्वतंत्रता सेनानी थे। उनकी शुरुआती शिक्षा बंगाल से हुई। बाद में हायर सेकेंडरी की परीक्षा पास करते ही वह राजनीति में आ गईं। उस समय ममता बनर्जी महज 15 साल की थीं।
ममता बनर्जी की शिक्षा और करियर
जब ममता 17 साल की थीं तो उनके पिता प्रोमिलेश्वर बनर्जी का साया उठ गया। हालांकि उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और राजनीति में सक्रिय रहीं। उन्होंने बीए के बाद इस्लामिक इतिहास से मास्टर्स की डिग्री हासिल की। बाद में जोगेश चंद्र चौधरी कॉलेज से कानून की पढ़ाई पूरी की। इस बीच ममता कांग्रेस पार्टी के संपर्क में आईं और छात्र परिषद संघ की स्थापना की। 1970 में ममता राज्य महिला कांग्रेस की महासचिव बनीं। 1984 में कम्युनिस्ट पार्टी के दिग्गज नेता सोमनाथ चटर्जी को हराकर ममता बनर्जी सांस बन गईं।
ममता बनर्जी लंबे अरसे तक कांग्रेस पार्टी से जुड़ी रहीं और कई अलग अलग पदों पर कार्य किया। इस दौरान 1999 में ममता बनर्जी देश की पहली महिला रेल मंत्री बनीं। यह भारत के इतिहास में महिलाओं के लिए एक और बड़ी उपलब्धि थी। हालांकि सरकारी गिर गई और ममता अधिक समय तक रेल मंत्री के पद पर नहीं रहीं। बाद में ममता उद्योग मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य भी रहीं। वहीं साल 2004 में कोयला और खानों के केंद्रीय पद पर नियुक्त हुई। वर्ष 2011 में ममता बनर्जी पहली बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनीं। 2016 में दोबारा मुख्यमंत्री बनीं। बाद में 2021 में विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं।

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