बचपन में आसपास के बच्चे उसे साथ में खेलने नहीं देते थे। वजह थी कि वो बाकी बच्चों के रुप-रंग से अलग नजर आती थी। ऐसे में उसे हर रोज अपने वजूद से जंग लड़ना पड़ता था। उसने अपने घर को एक महफूज जगह के रूप में देखना चाहा तो उसे वहां भी तिरस्कार मिला। मात्र 13 साल की उम्र में जब पद्मिनी प्रकाश को अपने ट्रांसजेंडर के बारे में पता चला तो उन्होंने अपना घर छोड़ दिया। आगे की स्लाइड में जानिए कैसे पद्मिनी प्रकाश देश की पहली ट्रांसजेडर न्यूज रीडर बन गईं।
देश की पहली ट्रांसजेंडर न्यूज एंकर पद्मिनी प्रकाश, 13 की उम्र में छूटा घर, संघर्ष कर लिखी नई इबारत
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पद्मिनी प्रकाश का जन्म एक रूढ़िवादी सोच वाले तमिल परिवार में हुआ था। जो कि कोयम्बटूर, तमिलनाडु में रहती थी। पद्मिनी एक ट्रांसजेंडर है ये बात उनके परिवार वाले स्वीकार नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में उनकी रूढ़िवादी सोच से हारकर उन्होंने अपना घर केवल 13 साल की छोटी सी उम्र में छोड़ दिया। घर से तो खुद को खत्म करने ही निकलीं थी लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था।
कुछ भले लोग में पद्मिनी प्रकाश को बचा लिया और उन्हें पढ़ाया-लिखाया। पद्मिनी ने अपनी पढ़ाई किसी तरह से पूरी की और कॉमर्स में बैचलर डिग्री लेने के लिए दाखिला लिया लेकिन दूसरे ही साल उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी क्योंकि वहां भी लोग उनकी जेंडर को लेकर चिढ़ाते थे।
पद्मिनी प्रकाश एक ट्रेंड भरतनाट्यम नृत्यांगना है अपनी जिंदगी में बहुत सारे उतार-चढा़व का सामना कर चुकीं पद्मिनी फिलहाल एक्टिंग के अलावा कई सारे स्टेज शो कर चुकी हैं। बहुत सारे स्टूडेंट्स को इस क्लासिकल डांस में ट्रेनिंग दी है। मगर अब पद्मिनी की लाइफ सेट है। वह अब कोयंबटूर में ही वेलाकिनार में अपने पार्टनर और बेटे के साथ खुशहाल जिंदगी जी रही हैं। पद्मिनी फिलहाल पीएचडी करने जा रहीं है। वो तमिलनाडु की पहली फुलटाइम पीएचडी स्कॉलर बनेंगी।

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